Vivah Muhurat 2026: 16 अप्रैल से शुरू होंगे शुभ लग्न, Akshaya Tritiya पर अबूझ मुहूर्त का संयोग

 14 अप्रैल को खरमास खत्म, 16 अप्रैल से विवाह मुहूर्त शुरू। अक्षय तृतीया पर अबूझ मुहूर्त, सोना खरीदना और शादी करना शुभ माना गया।


Vivah Muhurat 2026 रांची: सनातन परंपराओं के अनुसार 14 अप्रैल को खरमास समाप्त हो जाएगा और इसी दिन सूर्यदेव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे, जिसे मेष संक्रांति कहा जाता है। इसके साथ ही मांगलिक कार्यों पर लगी रोक हट जाएगी और 16 अप्रैल से विवाह के शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएंगे, जो जुलाई मध्य तक जारी रहेंगे।

Vivah Muhurat 2026:14 अप्रैल को मेष संक्रांति और सतुआनी का पर्व

14 अप्रैल को मेष संक्रांति के साथ सतुआनी पर्व भी मनाया जाएगा। इस दिन शतभिषा नक्षत्र, शुक्ल योग, सिद्ध योग और त्रिपुष्कर योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसे अत्यंत शुभ माना गया है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दिन सत्तू, गुड़, चना, पंखा, जल से भरे मिट्टी के घड़े और मौसमी फल दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और पितरों की कृपा मिलती है।

Vivah Muhurat 2026:16 अप्रैल से विवाह मुहूर्त की शुरुआत

16 अप्रैल से विवाह के शुभ लग्न प्रारंभ होंगे। इस दिन स्वाति नक्षत्र और आनंद योग का विशेष संयोग बन रहा है, जो विवाह के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
इस अवधि में अप्रैल से जुलाई मध्य तक करीब 35 से अधिक शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे। अप्रैल में ही 9 प्रमुख विवाह मुहूर्त हैं, जिससे शादियों की रौनक बढ़ने की संभावना है।

Vivah Muhurat 2026:अक्षय तृतीया पर अबूझ मुहूर्त, खरीदारी का विशेष महत्व

20 अप्रैल को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाएगा, जिसे अबूझ मुहूर्त माना जाता है। इस दिन बिना पंचांग देखे पूरे दिन विवाह और अन्य मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं।
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस दिन सोना खरीदना विशेष रूप से शुभ होता है, क्योंकि “अक्षय” का अर्थ है जो कभी नष्ट न हो। इस दिन किया गया निवेश और खरीदारी स्थायी समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

Key Highlights

  • 14 अप्रैल को खरमास समाप्त, मेष संक्रांति का संयोग

  • 16 अप्रैल से विवाह के शुभ मुहूर्त शुरू

  • 20 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर अबूझ मुहूर्त

  • जुलाई मध्य तक मिलेंगे 35 से अधिक विवाह मुहूर्त

  • 16 जुलाई से देवशयनी एकादशी के साथ लग जाएगा विराम


Vivah Muhurat 2026:जुड़शीतल और जानकी नवमी का महत्व

15 अप्रैल को मिथिला में प्रसिद्ध जुड़शीतल पर्व मनाया जाएगा, जिसमें घर के बड़े-बुजुर्ग जल के छींटे देकर परिवार के सदस्यों को शीतलता और आरोग्यता का आशीर्वाद देते हैं।
वहीं 25 अप्रैल को रवियोग और सिद्ध योग में जानकी नवमी मनाई जाएगी, जो माता सीता के प्राकट्य दिवस के रूप में विशेष महत्व रखती है।

Vivah Muhurat 2026:जुलाई से लग जाएगा विराम

16 जुलाई को देवशयनी एकादशी के साथ विवाह जैसे मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन से भगवान विष्णु चार माह के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं, जिसे चातुर्मास कहा जाता है।

अप्रैल से जुलाई तक प्रमुख विवाह मुहूर्त

अप्रैल: 16, 17, 20, 21, 26, 27, 28, 29, 30
मई: 03, 04, 05, 06, 07, 08, 12, 13, 14
जून: 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 28, 29, 30
जुलाई: 01, 06, 07, 08, 11

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