Ranchi: शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट और उद्धव ठाकरे गुट की लड़ाई एक बार फिर शीर्ष कोर्ट की दहलीज पर पहुंच गयी है। ठाकरे गुट ने महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हाल ही में स्पीकर नार्वेकर ने विधायकों को अयोग्य ठहारने वाली याचिका को खारिज कर दिया था।
दरअसल, एकनाथ शिंदे समेत कई विधायकों ने जून 2022 में तत्कालीन सीएम उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत कर दी थी। इसके कारण कांग्रेस, अब उद्धव ठाकरे की शिवसेना और अब शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के गठबंधन वाली महाविकास अघाडी सरकार गिर गयी थी।
शिवसेना पर दावा के लिए लड़ाई
महाविकास अघाडी सरकार गिरने के बाद बीजेपी के समर्थन से एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बने। इसके बाद से शिवसेना पर दावा के लिए दोनों गुटों में लड़ाई चल रही है। मामला चुनाव आयोग पहुंचा तो आयोग ने शिंदे की शिवसेना को असली शिवसेना करार दिया। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। यहां कोर्ट ने विधानसभा के स्पीकर को इस केस में फैसला लेने को कहा था।
स्पीकर नार्वेकर ने फैसले के दौरान कहा था कि शिंदे की शिवसेना ही असली शिवसेना है। ऐसा इसलिए क्योंकि चुनाव आयोग ने भी ये बात मानी है। ऐसे में विधायकों की सदस्यता बरकरार रहेगी। ये फैसला शिवसेना (यूबीटी) के चीफ उद्धव ठाकरे के लिए बड़ा झटका था। वहीं शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने स्पीकर पर निशाना साधते हुए कहा था कि हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।


