नई दिल्ली : Parliament – भाजपा पर बरसे सपा मुखिया के भाई, बोले – केवल झूठ बोलते हैं, मालूम है कि कितने बड़े तीरंदाज हो। समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव के चचेरे भाई और आजमगढ़ से सांसद धर्मेंद्र यादव लोकसभा आम बजट 2024 पर हो रहे बहस में भाग लेते हुए मोदी सरकार को खूब खरी-खोटी सुनाई। धर्मेंद्र यादव ने कहा कि सरकार ने किसानों के लिए इसमें कुछ नहीं किया है। सरकार ने एमएसपी को कानूनी गारंटी देने की बात कही थी, लेकिन अभी तक कुछ नहीं किया। ये लोग सिर्फ झूठ बोलते हैं। इस पर भाजपा के कुछ सांसदों ने शोर मचाया तो धर्मेंद्र यादव उन्हीं पर भड़क गए और बोले कि ऐ, डिस्टर्ब न करो, हमें पता है कि आप लोग बेईमानी से जीते हो और मालूम है कि कितने बड़े तीरंदाज हो। उन्होंने कहा कि आप लोग केवल बेईमान हो।
आजमगढ़ सांसद बोले – शिक्षा का निजीकरण करना चाहती है मोदी सरकार
बजट 2024-25 पर चर्चा के दौरान धर्मेंद्र यादव ने कहा कि इसमें कुछ भी नहीं था और इसमें सभी वर्गों की उपेक्षा की गई है। सपा सांसद ने बजट पर बोलते हुए कहा कि सरकार ने किसानों के लिए इसमें कुछ नहीं किया है। सांसद धर्मेंद्र यादव ने इसी के साथ कहा कि केंद्र सरकार युवाओं, पिछड़ा वर्ग, किसानों और वंचितों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि सरकार अब शिक्षा का निजीकरण करना चाहती है। सपा सांसद ने कहा कि कुछ हद तक तो ऐसा हो चुका है और शिक्षा को प्राइवेट करके कुछ उद्योगपतियों के हाथ में थमा दिया है।
धर्मेंद्र यादव बोले – आम बजट 2024 भेदभाव करने वाला
समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने आम बजट 2024 को लेकर कहा कि यह भेदभाव करने का वाला है। इसमें विभिन्न राज्यों के अधिकारों का हनन किया गया है। लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए सपा सांसद ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार नौजवानों, किसानों, दलितों और पिछड़े वर्गों के खिलाफ है। सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी सरकार से अग्निपथ योजना को समाप्त करने की मांग की। बजट में इस बारे में सरकार की चुप्पी से साफ है कि योजना को लेकर तमाम वादों के बाद भी उसकी मंशा साफ नहीं है।

धर्मेंद्र यादव का बड़ा आरोप – आरक्षण को खत्म करना चाहती है मोदी सरकार
आजमगढ़ से लोकसभा सदस्य धर्मेंद्र यादव ने संसद में कहा कि मोदी सरकार के बजट में सभी वर्गों की उपेक्षा और अनदेखी की गई है। उन्होंने सरकार को गरीब-विरोधी, किसान-विरोधी, बुनकर-विरोधी, युवा-विरोधी, दलित और पिछड़ा विरोधी करार दिया। सपा सांसद ने सरकार पर आरक्षण खत्म करने को लेकर षड्यंत्र करने का भी आरोप लगाया। बजट में देश के संघीय ढांचे को तहस-नहस कर दिया गया है। साथ ही राज्यों के अधिकारों का भी हनन किया गया है। अखिलेश यादव के नेतृत्व में जिस तरह से उत्तर प्रदेश में भाजपा का चुनावी रथ रोका गया है उसी का नतीजा है कि वित्त मंत्री ने बजट में उत्तर प्रदेश का नाम भी नहीं लिया।


















