पटना : मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल शालीमार बाग (नई दिल्ली) ने आज पटना में अपनी कार्डियक सर्जरी और यूरोलॉजी एंड किडनी ट्रांसप्लांट ओपीडी शुरू की है। इस ओपीडी की शुरुआत शहर के डॉ. एनके बैद्या क्लीनिक के साथ पार्टनरशिप में की गई है। इस ओपीडी के जरिए मैक्स हॉस्पिटल शालीमार बाग ने मरीज की सेवा के लिए एक और कदम उठाया है। जिसकी मदद से यहां के मरीजों को बेहतर इलाज के लिए अन्य शहरों की तरफ नहीं भागना पड़ेगा।
इस मौके पर मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल शालीमार बाग में कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) के प्रिंसिपल कंसल्टेंट डॉक्टर दिनेश चंद्रा और मैक्स हॉस्पिटल शालीमार बाग में यूरोलॉजी व किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी के डायरेक्टर डॉक्टर वहीदुज्जमां मौजूद रहे। इनके अलावा डॉ. एनके बैद्या क्लीनिक के डॉक्टर गौरव बैद्या भी यहां मौजूद रहे।
मैक्स अस्पताल शालीमार बाग के दोनों विशेषज्ञ डॉक्टर दिनेश चंद्रा और डॉक्टर वहीदुज्जमां महीने के हर महीने के आखिरी रविवार को ओपीडी में बैठेंगे। ये ओपीडी पटना के राजेंद्र नगर में ई-53, रोड नंबर-12 स्थित डॉ. एनके बैद्या क्लीनिक में चलेगी और महीने के आखिरी रविवार को सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक मरीज यहां आकर डॉक्टर को दिखा सकेंगे। इस ओपीडी के शुरू होने से पटना व आसपास के लोगों को अपने घर के नजदीक ही परामर्श के लिए देश के बेहतरीन कार्डियक सर्जन और यूरोलॉजी व किडनी ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ मिल जाएंगे और उन्हें किसी अन्य शहर की तरफ नहीं जाना पड़ेगा।
ओपीडी लॉन्च के मौके पर मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल शालीमार बाग में कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) के प्रिंसिपल कंसल्टेंट डॉक्टर दिनेश चंद्रा ने कहा कि संतुलित डाइट, फिजिकल एक्टिविटी, रेगुलर एक्सरसाइज, स्मोकिंग से दूरी, कोलेस्ट्रॉल और शुगर को कंट्रोल करने जैसे लाइफस्टाइल के बदलाव बेहद जरूरी हैं। वैल्वुलर हार्ट परेशानियों के लिए कैथेटर आधारित मित्रा क्लिप का इलाज काफी बेहतर है। ये नॉन सर्जिकल विकल्प है जिसकी मदद से हार्ट वाल्व का लीकेज ठीक कर दिया जाता है और इस तरह वाल्व बदलने की जरूरत नहीं पड़ती। इस तरह की समस्याओं से दिल का साइज बढ़ने का खतरा रहता है, सांस उखड़ने लगता है और आखिरकार हार्ट फेल होने का रिस्क रहता है। ये ओपीडी पटना के लोगों के लिए काफी मददगार रहेगी क्योंकि मरीज बिना किसी परेशानी के यहां आकर प्राथमिक परामर्श और फॉलोअप ले सकेंगे।
हार्ट की सर्जरी में बढ़ते वक्त के साथ काफी बदलाव हो रहे हैं, अब मिनिमली इनवेसिव प्रक्रियाएं की जा रही हैं जिनमें कम वक्त लगता है, सर्जरी के बाद दर्द नहीं रहता है। हार्ट फेल के गंभीर मामलों में ईसीएमओ और एलवीएडी जैसे ट्रीटमेंट विकल्पों ने मरीजों को नई उम्मीद दी है। मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल शालीमार बाग अनुभवी डॉक्टरों की टीम और अन्य मेडिकल स्टाफ के साथ-साथ बेहतर सुविधाएं मुहैया करता है। यहां कार्डियो थोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी और किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी की वर्ल्ड क्लास सेवाएं दी जाती हैं। यहां अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञ सर्जन हैं, एडल्ट और जन्मजात हार्ट डिजीज के मामलों में सर्जरी करने में सक्षम हैं। यहां की टीम सीएबीजी, रेडो, कार्डियक वाल्व रिप्लेसमेंट, कोरोनरी आर्टरी बायपास ग्राफ्टिंग (सीएबीजी), हार्ट डबल वाल्व रिप्लेसमेंट (दिल में छेद जैसे एएसडी, वीएसडी, टीओआई और पीडीए सीओए) किया जाता है।
मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल शालीमार बाग में किडनी से जुड़े अलग-अलग मामलों का इलाज किया जाता है। यहां यूरोलॉजी, यूरो-ऑन्कोलॉजी, रोबोटिक सर्जरी और किडनी ट्रांसप्लांट किया जाता है। किडनी ट्रांसप्लांट में एबीओ कम्पैटिबल और इनकम्पैटिबल ट्रांसप्लांटेशन किया जाता है, स्वैप ट्रांसप्लांटेशन किया जाता है, मरे हुए डोनर से ट्रांसप्लांटेशन, हाई रिस्क ट्रांसप्लांटेशन और लेप्रोस्कोपिक डोनर नेफ्रेक्टोमी की जाती है। मैक्स हॉस्पिटल शालीमार बाग का लेप्रोस्कोपिक डोनर नेफ्रेक्टोमी में 100 फीसदी का रिकॉर्ड है और ट्रांसप्लांटेशन कराने वाले मरीज की कंडीशन में भी शानदार सुधार होता है। मैक्स अस्पताल शालीमार बाग में रोबोटिक असिस्टेड ट्रांसप्लांट समेत रोबोटिक यूरोलॉजी के लिए सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
विवेक रंजन की रिपोर्ट







