
आरा : भोजपुर के सांसद सुदामा प्रसाद ने लोकसभा के शीतकालीन सत्र में बैंक विधेयक पर अपनी बात रखी। उन्होने बोलते हुए कहा कि बैंक विधेयक में जनता की बात होना चाहिए था लेकिन इसमें उनके बारे में कोई बात नहीं है। जबकि यह बात आया है कि पिछले 11 सालों में 10 लाख करोड़ रुपए बैंकों का कर्ज वसूला किया गया। लेकिन इसकी कोई चर्चा नही है कि कितने किसान, गरीबों का बैंक का कर्ज माफ किया गया। जबकि कर्ज वसूला किया गया छोटे-मंझोले किसानों और दुकानदारों से और कर्ज माफ किया गया। गौतम अडानी और मुकेश अंबानी और कॉरपोरेट घरानों का कर्जा माफ किया गया।
उन्होंने कहा कि पूंजी का प्रवाह कॉरपोरेट घरानों के लिए हो रहा है। आम आदमी और गरीबों को लोन तक नहीं मिलता है। एक साधारण किसान एक छोटी रकम का लोन नहीं चुका पाता है तो उसे सरेआम कमर में रस्सा बांध कर घुमाया जाता है और उसे जेल भेज दिया जाता है। इसलिए हमारी मांग है कि पूंजी का प्रवाह आम आदमी के तरफ करना चाहिए नहीं तो हम दुनिया के चौथी अर्थव्यवस्था कैसे बन सकते हैं।
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सांसद सुदामा प्रसाद ने कहा कि जिस देश मे अबतक सबसे ज्यादा बेरोजगारी, महंगाई और विकास दर तेजी से घट रहा है। किसानों की खेती घाटे में हो तो हम कैसे दुनिया के विकसित अर्थव्यवस्था में शामिल हो सकते हैं। वे आज कॉरपोरेट लूट और मोदी सरकार की सांप्रदायिक राजनीति के खिलाफ संसद में दूसरे दिन का विरोध प्रदर्शन का भी नेतृत्व किया। जिसमें इंडिया गठबंधन के दलों ने मांग की है कि प्रधानमंत्री संसद में आएं और अडानी पर बहस करें। सीपीआई एमएल के सांसद किसानों के लिए एमएसपी बढ़ाने और देश में मुसलमानों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ते घृणा अपराधों पर बहस की मांग किया।
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नेहा गुप्ता की रिपोर्ट




