ईवीएम के मसले पर सुप्रीम कोर्ट का सियासी दलों का कड़ा संदेश, बैलेट पेपर से चुनाव की याचिका खारिज

डिजीटल डेस्क : ईवीएम के मसले पर सुप्रीम कोर्ट का सियासी दलों का कड़ा संदेश, बैलेट पेपर से चुनाव की याचिका खारिज। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को देश में पेपर बैलेट से चुनाव में मतदान कराने वाली याचिका को खारिज कर दिया है।

इसी क्रम में सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम को लेकर सियासी दलों को कड़ा संदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाते हुए अपनी टिप्पणी में कहा कि – इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से छेड़छाड़ के आरोप तभी लगते हैं जब चुनाव हारते हैं। मगर जीतने पर इससे छेड़छाड़ नहीं होती है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा – हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ना ठीक नहीं

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश विक्रम नाथ और पीबी वराले की पीठ ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए न सिर्फ याचिकाकर्ता को कड़ी फटकार लगाई बल्कि राजनीतिक दलों को भी लगे हाथ कड़ा संदेश दे दिया। सुप्रीम कोर्ट में यह जनहित याचिका डा. केए पॉल ने दायर की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि – ‘जब चुनाव हार जाते हैं तो ईवीएम खराब हो जाती है और जीत जाते हैं तो चुप्पी। हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ना ठीक नहीं है’।

बता दें कि महाराष्ट्र चुनाव में हार के बाद विपक्ष फिर से ईवीएम ( इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) के मुद्दे को तूल देने में जुटा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को ईवीएम पर सवाल खड़ा करते हुए देशभर में बैलेट पेपर से चुनाव कराने को लेकर अभियान चलाने का एलान कर दिया।

फाइल फोटो
फाइल फोटो

याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट ने पूछा – …यह शानदार विचार कैसे आया?

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता से पूछा कि इस याचिका को दायर का शानदार विचार आपको कैसे मिला? इस पर पॉल ने कहा कि वह एक ऐसे संगठन के अध्यक्ष है, जिसने तीन से अधिक अनाथों और 40 लाख विधवाओं को बचाया है। कोर्ट ने कहा कि आपका यह क्षेत्र तो बहुत अच्छा है। फिर आप क्यों राजनीतिक क्षेत्र में आ रहे है?

इस पर पॉल ने कहा कि दुनिया के 150 से अधिक देशों में जा चुके है। इनमें से ज्यादातर देशों में अब बैलेट पेपर से मतदान होता है। कोर्ट ने कहा कि आप दुनिया के दूसरे देशों से अलग क्यों नहीं रहना चाहते है?

ईवीएम का प्रतीकात्मक चित्र।
ईवीएम का प्रतीकात्मक चित्र।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा – चंद्रबाबू जब हार जाते है तो ईवीएम खराब हो जाती है, जीतते ही सीएम बनते हैं…

सुप्रीम कोर्ट ने लंबी चर्चा के बाद याचिका को आखिरकार खारिज कर दिया लेकिन उससे पहले याचिकाकर्ता से सुप्रीम कोर्ट के सवाल और याचिकाकर्ता के हर जवाब पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी खासी रोचक रही।

जनहित याचिका डा. केए पॉल ने कहा कि ईवीएम से चुनाव कराने से भष्ट्राचार बढ़ रहा है। 2024 के लोकसभा चुनाव में निर्वाचन आयोग ने ही 9 हजार करोड़ से अधिक राशि जब्त की है। उस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप यह कैसे कह सकते है कि बैलेट पेपर से चुनाव होने पर भष्ट्राचार नहीं होगा।

उसके बाद याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि उनकी इस याचिका को 18 से ज्यादा राजनीतिक दलों का समर्थन है। साथ ही टेस्ला के सीईओ एलन मस्क और आंध्र प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू भी कह चुके है कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ हो सकती है। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री जगन मोहन रेड्डी ने भी कहा है कि ईवीएम से छेड़छाड़ हो सकती है।

उस पर कोर्ट ने रोचक टिप्पणी की। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि – ‘चंद्रबाबू जब चुनाव हार जाते है तो उनके लिए ईवीएम खराब हो जाती है और जब वे जीत जाते है और मुख्यमंत्री बन जाते है तो ईवीएम ठीक हो जाती है। जगन रेड्डी ने भी यह आरोप तब लगाया जब वह चुनाव हार गए’।

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