मौत का सबसे आसान तरीका सुसाइड, फेसबुक लाइव आकर पत्रकार ने दी जान

बक्सर : सबसे पुराना कहावत एक बार फिर सामने आते दिखाई दे रहा है। मरने का सबसे आसान तरीका क्या है। मौत का सबसे आसान तरीका सुसाइड है। सुसाइड ही एक ऐसा चीज जो लोगों को आसानी से मिल जाती है। ताजा मामला बिहार के बक्सर से है। बक्सर में एक पत्रकार ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर अपनी जान दे दी। करीब नौ मिनट के वीडियो में रघुनाथपुर गांव के वार्ड-1 निवासी पत्रकार हरि शेखर पाठक (42) ने अपनी आपबीती सुनाई और पहले से तैयार फंदे से झुलकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।

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पत्रकार पत्नी से तलाक के बाद वे काफी परेशान थे

पत्रकार हरि शेखर पाठक पत्नी से तलाक के बाद वे काफी परेशान रह रहे थे। फेसबुक पर वह पहली बार लाइव आएं और आठ मिनट 55 सेकेंड के वीडियो में उन्होंने कहा कि मैं अपनी लाइफ से थक गया हूं, मैंने अपनी जिंदगी में बहुत स्ट्रगल किया, लेकिन अब हिम्मत नहीं है। अपनी लड़ाई अपनों की वजह से हार गया हूं। जो करने जा रहा हूं, अपनी इच्छा से कर रहा हूं। हालांकि, ये बुजदिली है, लेकिन मुझ में अब हिम्मत नहीं बची। हरि शेखर पाठक एक निजी टीवी न्यूज चैनल में काम करते थे। रविवार की रात सोशल मीडिया पर लाइव आकर पहले अपने हाथ की नस काटी, फिर फंदे से लटक आत्महत्या कर ली।

शादी लव मैरिज थी, एक बेटा भी है

हरि पाठक पारिवारिक कलह से काफी परेशान थे। मुंबई की एक लड़की से लव मैरिज शादी की थी। दोनों से एक पुत्र भी है, लेकिन पिछले दिनों पत्नी से तलाक हो गया था। अपने बेटे को लेकर काफी परेशान थे। मामला न्यायालय में चल रहा है। हरि पाठक का पैतृक गांव बक्सर जिले के बगेन थाना क्षेत्र के कैथी गांव है। पिछले एक दशक में उन्होंने अलग-अलग टीवी चैनलों में काम किया। उनकी पत्रकारिता आरा से शुरू हुई थी। लोकसभा चुनाव 2024 में भी खबरों को लेकर एक्टिव थे। हरि अपने रघुनाथपुर स्थित घर के नीचे कमरे में जान दे दी।

मरने से पहले फेसबुक पर सुनाई अपनी आपबीती

पहले पत्रकार हरि पाठक ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर अपनी पूरी दास्तान सुनाई। उन्होंने वीडियो में कहा कि बहुत ज्यादा टेंशन में आ गया हूं। वैसे कहा जाता है कि टेंशन में आकर ऐसी हरकत करना बुजदिली होती है। आप देख लीजिए और रिकॉर्ड कर लीजिए, इस वक्त अपने रघुनाथपुर स्थित घर पर हूं। लाइफ में पहली बार फेसबुक पर लाइव आ रहा हूं, क्योंकि यह चीज आप लोगों को देखना जरूरी है। गवाह सिर्फ आप लोग ही रहेंगे।

पत्रकार जमीन विवाद में जेल भी गए थे, पैरालिसिस से पीड़ित थे

पुलिस ने बक्सर सदर अस्पताल में पोस्टमॉर्टम करवाया। हरि अपने तीन भाई रवि शेखर पाठक, शशि शेखर पाठक और कवि शेखर पाठक और एक बहन चंदा देवी से छोटे थे। बताया जाता है कि हाल में एक जमीनी विवाद में गोलीबारी के आरोप में उन्हें और उनके पिता को जेल भेजा गया था। जेल से बेल पर बाहर आने के बाद काफी परेशान थे। इसी दौरान हरि पैरालिसिस का शिकार हो गए थे।

दोस्तों ने हरि के पिता को फोन पर दी सारी जानकारी

जब पत्रकार हरि पाठक लाइव पर थे तब उनके दोस्त और करीबियों ने उनके मोबाइल पर काफी फोन किया पर हरि ने फोन रिसीव नहीं किया। इसके बाद उनके पिताजी के मोबाइल पर फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी गई। जबतक उसके पिता दरवाजे को तोड़कर अंदर घुसे, तबतक उनकी जान चली गई थी। इस घटना के बाद परिजनों ने पूरी घटना की जानकारी स्थानीय थाने को दी गई। मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन में जुट गई है।

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नेहा गुप्ता की रिपोर्ट

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