रांची: अतिरिक्त बिजली- वर्ष 2024 में झारखंड में बिजली की कमी काफी हद तक दूर हो जायेगी. वर्तमान में गर्मी के मौसम में जब 3000 मेगावाट तक मांग बढ़ जाती है, तो केवल 2000 से 2500 मेगावाट तक ही बिजली मिल पाती है.
ऐसे में निरंतर 500 मेगावाट की कमी बनी रहती है. इस वर्ष दो-दो पावर प्लांट से तीन यूनिट चालू होने जा रही है. जिससे राज्य को 1010 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मिलने लगेगी.
साथ ही राज्य में बिजली की कमी समस्या दूर हो जायेगी. पतरातू से मिलनी है 85% बिजली . पतरातू में पुराने पीटीपीएस की जगह एनटीपीसी के साथ ज्वाइंट वेंचर करके पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (पीवीयूएनएल) कंपनी बनायी गयी.
जल्द मिलेगी राज्य को 1010 मेगावाट अतिरिक्त बिजली
इस कंपनी के द्वारा 4000 मेगावाट का सुपर थर्मल पावर प्लांट बनाया जा रहा है. यानी 800-800 मेगावट की पांच यूनिट बनेगी. जिसमें पहले चरण में तीन यूनिट का निर्माण कार्य चल रहा है.
इमसें भी पहली यूनिट जुलाई 2024 में चालू होने जा रही है. पहली यूनिट का काम लगभग पूरा हो चुका है. अब फिनिशिंग वर्क चल रहा है. इसके बाद ट्रायल रन किया जायेगा.
तब जुलाई 2024 से पूरी तरह ऑपरेशनल हो जायेगा. ज्वाइंट वेंचर की शर्तों के अनुरूप 85 प्रतिशत बिजली झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) को देनी है.
जुलाई तक 800 मेगावाट की यूनिट चालू होने पर जेबीवीएनएल को 680 मेगावाट बिजली मिलेगी. वहीं 660 मेगावाट की यूनिट नंबर तीन का काम भी तेजी से चल रहा है. दिसंबर 2024 तक तीनों यूनिट से झारखंड को अतिरिक्त 330 मेगावाट बिजली मिलेगी लगेगी.
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