चाय दुकानदार निकला तस्करी का मास्टर माइंड, पुलिस को झांसा दे कर बहन से मंगाता था चरस, थोड़े ही दिन में बना अकूत संपत्ति का मालिक
पटना : जिले के मनेर थाना क्षेत्र में पुलिस ने नशे के कारोबार पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए चाय की दुकान चलाने वाले युवक को ड्रग्स तस्करी के बड़े नेटवर्क के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी शुभम कुमार को उसकी बहन समेत छह सहयोगियों के साथ पकड़ा गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि शुभम ने महज पांच वर्षों में करीब 20 करोड़ रुपये की संपत्ति बना ली थी।
चाय की दुकान की आड़ में चलता था ड्रग्स का कारोबार
पुलिस के अनुसार मनेर के कानेवाला गांव निवासी शुभम कुमार बाहर से साधारण चाय दुकानदार दिखता था, लेकिन असल में वह चरस और स्मैक का बड़ा तस्कर था। वह युवाओं को नशे का सामान उपलब्ध कराता था और आसपास के जिलों में इसकी सप्लाई करता था।
छापेमारी में भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने की थी छापेमारी । इस दौरान पुलिस को भारी मात्रा में नशीले पदार्थ और नकदी मिली। पुलिस ने 558 ग्राम चरस (कीमत लगभग ₹35 लाख), 545 ग्राम स्मैक (कीमत लगभग ₹25 लाख), ₹12.19 लाख नकद, एक पिस्टल, 215 लीटर विदेशी शराब, स्मैक तौलने की मशीन, 3 मोबाइल फोन, एक कार, 3 एटीएम कार्ड।
बहनों के जरिए नेपाल से मंगवाता था ड्रग्स,परिवार तस्करी के नेटवर्क में शामिल
पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि शुभम अपनी बहनों को नेपाल भेजकर ड्रग्स मंगवाता था, ताकि पुलिस को शक न हो। वहीं खेप मनेर लाकर आरा, छपरा, गया और पटना शहर तक सप्लाई की जाती थी। जांच में सामने आया है कि शुभम का पूरा परिवार ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क में शामिल है। उसके दो भाई, पिता और छोटी बहन फिलहाल फरार हैं। पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
आलीशान मकान और करोड़ों की जमीन
ड्रग्स से कमाई गई रकम से शुभम ने मनेर के उसूलपुर और तपस इलाके में तीन आलीशान मकान, शाहपुर और मनेर क्षेत्र में करोड़ों रुपये की जमीन खरीदी थी। पुलिस अब उसकी चल-अचल संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया में जुटी है।
इससे पहले भी जून 2023 में भी शुभम कुमार को ₹20 लाख की स्मैक और अफीम के साथ गिरफ्तार किया गया था। उस समय भी उसका भाई पीयूष फरार हो गया था।
मोबाइल और बैंक खातों की जांच जारी
पुलिस शुभम के मोबाइल फोन, बैंक खातों और लेन-देन की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर बड़े नामों और नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
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