Desk: हिंसा प्रभावित बांग्लादेश से दो भारतीय संगीतकारों ने पहचान छुपाकर अपनी जान बचाई और करीब 48 घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित भारत लौटने में सफल रहे। इनमें प्रसिद्ध तबला वादक मैनाक विश्वास और जाने-माने सरोद कलाकार शिराज अली खान शामिल हैं।
मैनाक विश्वास ढाका में आयोजित एक संगीत कार्यक्रम में भाग लेने गए थे। वहीं सरोद कलाकार शिराज अली खान को भी उसी कार्यक्रम में प्रस्तुति देनी थी। लेकिन हालात उस समय बिगड़ गए जब भारत विरोधी भीड़ ने कार्यक्रम स्थल को निशाना बनाया और तोड़फोड़ शुरू कर दी।
भारतीय पहचान छुपाने से बची जान:
जानकारी के अनुसार ढाका के धानमंडी इलाके में आयोजित संगीत कार्यक्रम पर अचानक हिंसक भीड़ टूट पड़ी। इस दौरान शिराज अली खान ने अपनी भारतीय पहचान छुपा ली, जिससे वह भीड़ के चंगुल से निकलने में सफल रहे। यदि उनकी पहचान उजागर हो जाती, तो उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता था।
48 घंटे बाद भारत वापसी:
हालात सामान्य न होने के कारण दोनों कलाकारों को बांग्लादेश में ही छिपकर रहना पड़ा। करीब 48 घंटे की कड़ी मशक्कत और तनावपूर्ण हालात के बाद दोनों कलाकार सुरक्षित रूप से भारत लौट सके। शिराज अली खान सोमवार को कोलकाता पहुंचे, जहां उनके परिजनों और शुभचिंतकों ने राहत की सांस ली।
संगीत जगत में चिंता:
इस घटना के बाद कलाकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। संगीत जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि कला और संस्कृति को राजनीति व हिंसा से दूर रखा जाना चाहिए, ताकि कलाकार निर्भय होकर अपनी कला प्रस्तुत कर सकें। फिलहाल दोनों कलाकार सुरक्षित हैं, लेकिन बांग्लादेश में हुए इस घटनाक्रम ने सीमा पार सांस्कृतिक आदान-प्रदान की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
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