Union Budget: आम बजट 2026 में मध्यम वर्ग को राहत मिल सकती है। पति पत्नी के लिए संयुक्त इनकम टैक्स रिटर्न, ओल्ड टैक्स रिजीम पर संकेत और पेनल्टी नियमों में बदलाव संभव।
Union Budget रांची: आम बजट को लेकर मध्यम वर्ग और टैक्स पेयर्स की उम्मीदें एक बार फिर बढ़ गई हैं। इस बार बजट में इनकम टैक्स से जुड़े कुछ बड़े और व्यावहारिक बदलावों के संकेत मिल रहे हैं, जिनका सीधा फायदा नौकरीपेशा और पारिवारिक टैक्स दाताओं को मिल सकता है। खास तौर पर शादीशुदा जोड़ों के लिए संयुक्त इनकम टैक्स रिटर्न की सुविधा पर विचार किया जा सकता है।Tax Relief की उम्मीद के बिच कई नई बाते इस माले में सामने आ रही है।
Union Budget:पति पत्नी के लिए संयुक्त इनकम टैक्स रिटर्न का प्रस्ताव
इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया ने सरकार को सुझाव दिया है कि शादीशुदा जोड़ों को अलग-अलग इनकम टैक्स रिटर्न के बजाय संयुक्त रिटर्न फाइल करने का विकल्प दिया जाए। इस व्यवस्था में पति और पत्नी की आय को मिलाकर टैक्स स्लैब और छूट लागू की जा सकती है।
हालांकि जिन दंपतियों में दोनों पति पत्नी कार्यरत हैं, उनके लिए अलग-अलग रिटर्न फाइल करने का विकल्प भी खुला रहेगा। इस सुझाव के पीछे तर्क यह है कि देश में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं, जहां आय का मुख्य स्रोत केवल एक व्यक्ति होता है। मौजूदा व्यक्तिगत टैक्स स्लैब के कारण ऐसे परिवारों को सीमित टैक्स राहत ही मिल पाती है।
Key Highlights
आम बजट में मध्यम वर्ग को टैक्स राहत मिलने की उम्मीद
पति पत्नी के लिए संयुक्त इनकम टैक्स रिटर्न का विकल्प संभव
एकल आय वाले परिवारों को अधिक टैक्स छूट का लाभ मिल सकता है
ओल्ड टैक्स रिजीम के फेज आउट पर सरकार दे सकती है संकेत
गलत रिपोर्टिंग पर पेनल्टी सिस्टम में बदलाव की संभावना
Union Budget:ओल्ड टैक्स रिजीम पर मिल सकते हैं अहम संकेत
बजट में ओल्ड टैक्स रिजीम को तुरंत खत्म किए जाने की संभावना कम मानी जा रही है, लेकिन सरकार इसके लॉन्ग टर्म फेज आउट को लेकर संकेत दे सकती है। सूत्रों के अनुसार बजट में सनसेट क्लॉज जैसी व्यवस्था का इशारा मिल सकता है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि ओल्ड टैक्स रिजीम को किस समय सीमा में धीरे-धीरे समाप्त किया जाएगा।
इसके साथ ही सरकार न्यू टैक्स रिजीम को और आकर्षक बनाने पर जोर दे सकती है, ताकि अधिक से अधिक टैक्स पेयर्स इसे अपनाएं।
Union Budget:पेनल्टी सिस्टम में बदलाव की उम्मीद
बजट में एक ही गलती पर दो-दो जुर्माना लगाने की मौजूदा व्यवस्था को खत्म करने के संकेत भी मिल रहे हैं। फिलहाल गलत रिपोर्टिंग या गलत एंट्री पर अलग-अलग धाराओं में टैक्स पेयर पर 200 प्रतिशत तक की पेनल्टी लग जाती है।
सुझाव दिया गया है कि पेनल्टी को गलती की गंभीरता के अनुसार तर्कसंगत बनाया जाए, ताकि ईमानदार टैक्स दाताओं पर अनावश्यक बोझ न पड़े और जानबूझकर की गई गड़बड़ियों पर ही सख्ती हो।
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