
झारखंड के 48 नगर निकायों में बोर्ड गठन की प्रक्रिया शुरू। 10 से 20 मार्च के बीच डिप्टी मेयर और उपाध्यक्ष का अप्रत्यक्ष चुनाव होगा।
Urban Body Election Update रांची: झारखंड के 48 नगर निकायों में संपन्न मतदान के बाद अब नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों में नए बोर्ड के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों के उपायुक्त सह निर्वाची पदाधिकारियों को शपथ ग्रहण और डिप्टी मेयर व उपाध्यक्षों के चुनाव को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किये हैं।
आयोग ने 10 से 20 मार्च के बीच डिप्टी मेयर और उपाध्यक्ष के अप्रत्यक्ष निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी कराने का निर्देश दिया है, ताकि निकायों का नया बोर्ड विधिवत कार्यभार संभाल सके।
नौ नगर निगमों में डिप्टी मेयर का होगा चुनाव
राज्य के सभी नौ नगर निगमों में डिप्टी मेयर का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से कराया जायेगा। इसी तरह 20 नगर परिषदों और 19 नगर पंचायतों में उपाध्यक्ष का चुनाव भी अप्रत्यक्ष पद्धति से होगा।
डिप्टी मेयर और उपाध्यक्ष का चयन संबंधित निकाय के निर्वाचित पार्षदों द्वारा किया जायेगा। इस प्रक्रिया में आम मतदाताओं की सीधी भागीदारी नहीं होगी, बल्कि चुने गये प्रतिनिधि अपने बीच से इन पदों का चुनाव करेंगे।
Key Highlights
झारखंड के 48 नगर निकायों में बोर्ड गठन की प्रक्रिया शुरू
10 से 20 मार्च के बीच डिप्टी मेयर और उपाध्यक्ष का अप्रत्यक्ष चुनाव
नौ नगर निगमों में डिप्टी मेयर, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायतों में उपाध्यक्ष का चुनाव
निर्वाचित पार्षद करेंगे डिप्टी मेयर और उपाध्यक्ष का चयन
नगर निगम में प्रमंडलीय आयुक्त और अन्य निकायों में उपायुक्त दिलायेंगे शपथ
निर्धारित समय सीमा में पूरी होगी प्रक्रिया
आयोग ने सभी निर्वाची पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि 10 से 20 मार्च के बीच ही यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाये। इससे नवगठित बोर्ड बिना देरी के प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी संभाल सकेगा।
चुनाव परिणामों के बाद अब राजनीतिक दलों और निर्दलीय पार्षदों के बीच समर्थन जुटाने की कवायद तेज होने की संभावना है, क्योंकि अप्रत्यक्ष चुनाव में बहुमत निर्णायक भूमिका निभाता है।
प्रमंडलीय आयुक्त और उपायुक्त दिलायेंगे शपथ
निर्देशानुसार नगर निगमों में निर्वाचित मेयर, डिप्टी मेयर और पार्षदों को संबंधित प्रमंडल के प्रमंडलीय आयुक्त शपथ दिलायेंगे। वहीं नगर परिषद और नगर पंचायतों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और वार्ड पार्षदों को संबंधित जिले के उपायुक्त शपथ दिलायेंगे।
शपथ ग्रहण के बाद सभी निकायों में विकास योजनाओं और प्रशासनिक निर्णयों की नई शुरुआत होगी।
Highlights




