Patna- कांग्रेस की ओर से पूरे देश में अग्निवीर योजना का विरोध जारी है. इस क्रम में कांग्रेस की ओर से पटना में भी विरोध का आयोजन किया गया. राजधानी पटना में विरोध का नेतृत्व करते हुए कन्हैया कुमार ने अग्निवीर योजना को देश विरोधी योजना करार दिया है. इसे सेना का मनोबल तोड़ने वाला योजना बतलाया है.
कन्हैया ने कहा है कि अस्थाई सैनिकों के बल पर देश की सीमाओं की रक्षा नहीं की जा सकती. देश के हर नागरिक को गंभीरता से सोचने की जरुरत है कि इस योजना को चार वर्ष ही क्यों रखा गया. आखिर इसके पीछे क्या सोच है. चार ही वर्ष क्यों, पांच वर्ष क्यों नहीं. दरअसल इसके पीछे इस देश का एक श्रम कानून है, जिसके तहत यह प्रावधान है कि किसी भी संस्थान में यदि कोई पांच वर्ष काम करता है तो उसे वह तमाम सुविधाएं देनी होगी, जो किसी भी स्थायीकर्मी को मिलती है. यही कारण है कि इस योजना का कार्यकाल मात्र चार साल रखा गया है. केन्द्र सरकार किसी भी हालत में अग्निवीर योजना के तहत सेना में सेवा देने वाले युवाओं को किसी प्रकार का पेंशन और भत्ता नहीं देना चाहती.
कन्हैया कुमार ने कहा कि बड़ा सवाल यह है कि जब सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों को पेंशन मिलता है, तो देश की सीमाओं की हिफाजत करने वाले हमारे नौजवानों को क्यों नहीं. उनका गुनाह क्या है? उन्हे किस गुनाह की सजा दी जाएगी?
विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थायीय युवकों के द्वारा कन्हैया कुमार का विरोध भी किया गया, जिसे बाद स्थानीय लोगों की पहल से हटाया गया.







