आखिर पाकुड़ के सब्जियों की विदेशों में क्यों है इतनी डिमांड

पाकुड़ः किसानों की मेहनत और आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत प्रशासन का सहयोग सब्जी की खेती के मामले में पाकुड़ को आत्मनिर्भर बना रहा है।

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किसानों की मेहनत का ही नतीजा है कि जो सब्जी पहले स्थानीय बाजारों में बिक रही थी वही सब्जी अब विदेशों में रह रहे लोगों के रसोई घर में पाकुड़ की मिट्टी का सुगंध बिखेर रही है।

मलेशिया भेजे जा रहे किसानों के उपजाए गए कच्चू 

पाकुड़ में किसानों द्वारा उपजाए गए कच्चू मलेशिया भेजे जा रहे हैं। किसानों की ओर से पैदा किए गए 14 मीट्रिक टन कच्चू की पहली खेप कोलकाता के रास्ते विदेश भेजी जा रही है।

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इसे डीसी मृत्युंजय कुमार बरणवाल ने हरी झंडी दिखाई है। इससे ना सिर्फ किसानों के चेहरे खिल उठे हैं बल्कि उनकी आमदनी में भी लगातार वृद्धि हो रही है।

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