सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना से महिला सशक्तिकरण को मिला बल, 163 सफल महिला अभ्यर्थियों के साथ गरिमा-प्रियांगी टॉप
पटना : राज्य में सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत यूपीएससी और बीपीएससी के प्रारंभिक परीक्षा में उत्तीर्ण 3 हजार 628 महिला अभ्यर्थियों को लाभ मिला है। 2021 से शुरू की गई इस योजना में सामान्य वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और पिछड़े वर्ग के महिलाओं को शामिल किया गया है। इसके तहत अबतक 18 करोड़ 77 लाख रुपये की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। वर्ष 2025 में 1 हजार 911 महिला अभ्यर्थियों को सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना का लाभ दिया गया है, इनमें लगभग 9 करोड़ 67 लाख 50 हजार रुपये की राशि बैंक खातों में भेजी जा चुकी है। 71वीं बीपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण 859 अभ्यर्थियों का आवेदन स्वीकृत हुआ है। सत्यापन के बाद प्रोत्साहन राशि भेज दी जाएगी।
2025 में इतने अभ्यर्थियों को मिला लाभ
इनमें 70वीं बीपीएससी परीक्षा के लिए 1 हजार 887 पात्र अभ्यर्थियों में एकमुश्त 50 हजार रुपये प्रति लाभुक की दर से कुल 9 करोड़ 43 लाख 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई है। वहीं, यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 के प्रारंभिक परीक्षा में उत्तीर्ण 24 अभ्यर्थियों में 1 लाख रुपये प्रति लाभुक की दर से कुल 24 लाख रुपये प्रोत्साहन राशि दी गई है।
उल्लेखनीय प्रदर्शन में प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त
इन अभ्यर्थियों में दो अभ्यर्थियों का उल्लेखनीय प्रदर्शन रहा जिनमें यूपीएससी 2022 में गरिमा लोहिया द्वितीय स्थान और 68वीं बीपीएससी में प्रियांगी मेहता प्रथम स्थान प्राप्त कर अव्वल रही।
50 हजार और 1 लाख रु तक प्रोत्साहन राशि
इस योजना के अंतर्गत यूपीएससी और बीपीएससी के प्रारंभिक चरणों को उत्तीर्ण सामान्य वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और पिछडे वर्ग के महिला अभ्यर्थियों को 50 हजार रुपये और 1 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। यह सहायता अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा और आगे के चरणों की तैयारी के लिए सक्षम बनाती है।
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