टेंडर कमीशन घोटाला मामले में राम प्रकाश भाटिया और नीरज मित्तल की मुश्किलें बढ़ीं, डिस्चार्ज पिटीशन खारिज

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 टेंडर कमीशन घोटाला मामले में राम प्रकाश भाटिया और नीरज मित्तल की मुश्किलें बढ़ीं, डिस्चार्ज पिटीशन खारिज
 टेंडर कमीशन घोटाला मामले में राम प्रकाश भाटिया और नीरज मित्तल की मुश्किलें बढ़ीं, डिस्चार्ज पिटीशन खारिज
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रांची: राजधानी रांची से टेंडर कमीशन घोटाले से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। पीएमएलए की विशेष अदालत ने इस मामले में आरोपियों राम प्रकाश भाटिया और नीरज मित्तल की डिस्चार्ज पिटीशन को खारिज कर दिया है। दोनों आरोपी निलंबित चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम के करीबी सहयोगी माने जाते हैं। अदालत ने यह निर्णय मामले में आरोप गठित करने से पहले दिया है।

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यह घोटाला वीरेंद्र राम और उनके परिवार के सदस्यों समेत कई अन्य लोगों के खिलाफ चल रही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच का हिस्सा है। फरवरी 2023 में ईडी ने वीरेंद्र राम और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी कर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए थे। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ा और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

इससे पहले ईडी ने पूर्व मंत्री आलमगीर आलम, उनके ओएसडी संजीव लाल और अन्य ठेकेदारों के ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें 32.2 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए थे। आलमगीर आलम और अन्य आरोपियों की भी डिस्चार्ज पिटीशन खारिज हो चुकी है।

विशेष अदालत के हालिया आदेश के बाद राम प्रकाश भाटिया और नीरज मित्तल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अदालत में अब जल्द ही आरोप गठित किए जाएंगे, जिसके बाद ट्रायल शुरू होगा।

इस घोटाले ने रांची सहित पूरे झारखंड में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में खलबली मचा दी है। मामले में आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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