धनबाद : धनबाद के असर्फी अस्पताल के सामने बीते साल एक अक्टूबर 2024 को हुए मोहम्मद शहाबुद्दीन सिद्धिकी हत्याकांड मामले में पुलिस ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद से पुलिस लगातार फरार अपराधियों की तलाश में थी। इसी क्रम में हाल ही में वरीय अधिकारियों को गुप्त सूचना मिली कि इस मामले में वांछित बमकर चौधरी उर्फ पंकजकर चौधरी शहर में छिपा हुआ है।
पुलिस उपाधीक्षक नौशाद आलम के नेतृत्व में एक विशेष टीम तैयार की गई
सूचना के बाद पुलिस उपाधीक्षक (विधि-व्यवस्था) नौशाद आलम के नेतृत्व में एक विशेष टीम तैयार की गई। पांच दिसंबर की शाम शहर के विभिन्न इलाकों में की गई छापेमारी के दौरान बमकर चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उसने पूछताछ में न सिर्फ अपनी संलिप्तता स्वीकार की। बल्कि यह भी बताया कि हत्याकांड में शामिल बाहरी शूटरों को धनबाद में ठहराने व उन्हें सुरक्षित जगह उपलब्ध कराने का काम दीपक वर्मा नामक व्यक्ति करता था।
आज सुबह कार्रवाई करते हुए दीपक वर्मा को भी उसके ठिकाने से दबोच लिया
उसके खुलासे के बाद पुलिस ने अगले ही दिन आज यानी छह दिसंबर की सुबह कार्रवाई करते हुए दीपक वर्मा को भी उसके ठिकाने से दबोच लिया। पूछताछ में दीपक ने यह स्वीकार किया कि वह प्रिन्स खान गिरोह से जुड़ा हुआ है। बाहर से आने वाले शूटरों के रहने-खाने की व्यवस्था करने के साथ-साथ स्थानीय कारोबारियों से लेवी वसूलकर विभिन्न माध्यमों से गिरोह तक पहुंचा देता था। जांच में यह भी सामने आया है कि बमकर चौधरी पूर्व में भी हत्या सहित कई गंभीर मामलों में आरोप पत्रित रह चुका है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य फरार अपराधियों की तलाश में और तेजी से कार्रवाई कर रही है।
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