बीपीएससी शिक्षक पात्रता परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक 300 छात्रों को लिया गया हिरासत में ,पांच मास्टरमाइंड भी गिरफ्तार

हजारीबाग: बीपीएससी की ओर से आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा तीन का प्रश्न पत्र लीक होने का मामला प्रकाश में है. बिहार से आई आर्थिक अपराध इकाई पटना की टीम ने इसकी पुष्टि कर दी है.

शुक्रवार को बिहार में परीक्षा संपन्न हुई है. इसी शिक्षक पात्रता परीक्षा का प्रश्न पत्र हजारीबाग में लीक हो गया. सभी प्रश्न जो हजारीबाग से बरामद किए गए थे उसका मिलान हो गया है.

अब तक के इतिहास में यह सबसे बड़ा परीक्षा प्रश्न पत्र लिक मामले में उपलब्धि बताई जा रही है. जिसमें 300 से अधिक छात्रों को पुलिस ने डिटेन किया है. पात्रता परीक्षा

सभी छात्र बिहार के अलग-अलग जिलों से हजारीबाग पहुंचे थे. अधिकतर छात्रों का सेंटर बिहार शरीफ, बेगूसराय, पटना, नवादा और गया बताया जा रहा है.

छात्रों को पहले हजारीबाग लाया गया और प्रश्न पत्र देकर याद करवाया गया.  पिछले दो दिनों से यह सिलसिला यहां चल रहा था. पेलावल स्थित कोहिनूर बैंक्विट हॉल में छात्रों को रखा गया था.

सभी छात्रों को परीक्षा के दिन सुबह 3:00 बजे विभिन्न सेंटरों में ले जाया जा रहा था. तभी पुलिस को यह जानकारी मिली और बड़ा ऑपरेशन चलाया गया. जिसमें यह सफलता हाथ लगी है.

बरही से 90 हजारीबाग, पेलावल से 70, पदमा से 80 कोर्रा से 15 और कटकमसांडी से 15 अभ्यर्थियों को हीरासत में लिया गया है. पात्रता परीक्षा

वहीं पांच मास्टरमाइंड भी गिरफ्तार हुए हैं. जिनके पास से प्रश्न पत्र, कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर, पेन ड्राइव बरामद किया गया है. यही पांच मास्टरमाइंड छात्रों को प्रश्न पत्र उपलब्ध कराए थे.

पदाधिकारी ने ऑफ कैमरा जानकारी देते हुए बताया कि एक छात्रा से 8 से 15 लाख रुपया लिया गया था .जिसमें छात्रों से दो से तीन लाख एडवांस के रूप में लिया गया और उनका सर्टिफिकेटभी रख दिया गया. क्वेश्चन मैच करने के बाद पैसा देने की बात कही गई थी.

तब सर्टिफिकेट अभ्यर्थियों को वापस किया जाता. कहा जाए तो 50 करोड़ रुपया का लेनदेन इस प्रश्न पत्र लिक मामले में होने के आसार बताई जा रहे हैं.

बीपीएससी शिक्षक पात्रता परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक

पदाधिकारी ने यह भी जानकारी देते हुए कहा कि गुरुवार को ही आर्थिक अपराध इकाई पटना को जानकारी मिली थी कि हजारीबाग में प्रश्न पत्र लिक हुआ है.
इसको लेकर कुछ अभ्यार्थियों को गिरफ्तार भी किया गया था. टीम वापस लौट गई. वापस लौट के क्रम में ही गया के पास यह पता चला कि कई इलाकों में छात्र पहुंचे हुए हैं. फिर से दूसरी टीम हजारीबाग आई . शुक्रवार को फिर से ऑपरेशन चलाया गया.

जिसमें लगभग 500 छात्रों के आने की बात कही जा रही है. आधे से अधिक छात्र समय और अंधेरा का लाभ उठाते हुए भागने में सफल भी हुए हैं. वही 250 छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया है.

आर्थिक अपराध इकाई की टीम में हजारीबाग पुलिस की इसमें मदद ली है. हजारीबाग पुलिस ने छात्रों को विभिन्न इलाकों में पकड़ा है. हजारीबाग नगवां टोल प्लाजा, नगवां टोल प्लाजा और इसके अलावा होटल से छात्रों की धड़पकड़ हुई है.

पकड़े गए छात्रों को पटना ले जाया जा रहा है जहां वेरीफाई कराया जाएगा. उनका आधार कार्ड एडमिट कार्ड से मिलन की जाएगी. जिन छात्रों की मिलन हो जाएगी उसे पर कार्रवाई की जाएगी .यह कार्रवाई विभाग करेगी. इस मामले में अभी भी पटना और उसकी आसपास की इलाकों में छापेमारी की जा रही है .कहा जा रहा है कि एक बड़ा रैकेट का खुलासा होने वाला है.

दरअसल छात्रों को हजारीबाग लाया गया और फिर विभिन्न एग्जामिनेशन सेंटर पर अभ्यर्थियों को पहुंचना भी था. कहा जाता है कि जो गाड़ी तय किया गया था वह समय पर नहीं पहुंचा.

ऐसे में हजारीबाग के पम्मी बस संचालक से संपर्क स्थापित किया गया. उन्हें अलग-अलग सेंटर ले जाने को कहा गया .जिसमें बिहार शरीफ, नवादा, बेगूसराय शामिल है. पात्रता परीक्षा

इस एवरेज में ₹10000 एडवांस भी बस संचालक को दिया गया. बस संचालक ने सुबह के 3:30 बजे अभ्यर्थियों को पहुंचाने के लिए निकली.

इसी बीच संचालक को पुलिस ने जानकारी दिया कि यह पूरा मामला संदिग्ध है .ऐसे में नजदीकी पुलिस स्टेशन पर ही गाड़ी रोक दिया जाए. पात्रता परीक्षा

बस संचालक ने एक गाड़ी को कटकमसांडी, दूसरे को पदमा, तीसरे को कोर्रा थाना में रोका .तो दूसरी ओर पुलिस की टीम ने कोहिनूर बैंक्विट हॉल में अभ्यर्थियों को रोकने में सफल हुई है.

रात के 12:00 बजे के आसपास अभ्यार्थियों को कड़ी सुरक्षा के बीच पटना ले जाया गया. जहां वरीय पदाधिकारी उनसे पूछताछ करेंगे.

इस पूरे ऑपरेशन में बिहार के एक वरीय पदाधिकारी का नेम लेट लगा हुआ गाड़ी भी जप्त किया गया है. उस गाड़ी के बारे में बैंक्विट हॉल संचालक ने बताया कि भाड़े की गाड़ी है. पात्रता परीक्षा

भाड़े के समय वह प्लेट लगाया गया था, जिसे हटाया नहीं गया है. आर्थिक अपराध की टीम गाड़ी को जप्त कर पटना ले जा रही है. ताकि इस मामले का भी उद्वेदन हो सके.

बीपीएससी शिक्षक पात्रता परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक : 

इस पूरे कार्रवाई में लगभग 12 घंटे से अधिक का समय लगा है. इस दौरान पूरे इलाके में अपरा तफरी का माहौल भी रहा . सुर्खियों में रही कि बिहार में आयोजित परीक्षा का पश्न पत्र हजारीबाग में बरामद हुआ है.

जब यह परीक्षा बिहार में चल रही थी उसे वक्त यह प्रश्न पत्र प्रशासनिक पदाधिकारी के पास छात्रों से बरामद किया गया. इस पुरे मामले में पांच संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है.

जो नालंदा और पटना के बताए जा रहे हैं. जिसमें एक ड्राइवर भी शामिल है. उन सभी से विभाग पूछताछ करेगी. इस पूरे घटनाक्रम पर बिहार सरकार की भी नजर थी तो दूसरी ओर हजारीबाग के पुलिस पदाधिकारी समय-समय पर बैंक्विट हॉल पहुंचाते रहे. होटल की आवाज से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा. अतिरिक्त सुरक्षा बल भी इस दौरान तैनात किए गए थे. ताकि स्थिति को नियंत्रित रखी जा सके. पात्रता परीक्षा

जैसे ही यह बात सामने आयी बिहार से भी कुछ अभिभावक घटनास्थल पर पहुंचे.लेकिन पुलिस की दबीश के कारण उन्होंने अपना जुबान नहीं खोला और चुपचाप घटना देखते रहे.

इस पूरे मामले में हजारीबाग एसपी अरविंद कुमार सिंह ने भी अपना बयान दिया था और कहा था कि यह पूरा मामला बिहार से जुड़ा हुआ है तथा बिहार में हुए क्वेश्चन पेपर लीक मामले से जुड़ा हुआ है. पात्रता परीक्षा

 

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