Chamoli Glacier Burst में फंसे 32 मजदूर निकाले गए, 25 का सुराग नहीं

227
चमोली में रेस्क्यू ऑपरेशन में बचाए गए एक मजदूर को सुरक्षित ठिकाने ले जाते जवान।
चमोली में रेस्क्यू ऑपरेशन में बचाए गए एक मजदूर को सुरक्षित ठिकाने ले जाते जवान।
Advertisment

डिजिटल डेस्क : Chamoli Glacier Burst में फंसे 32 मजदूर निकाले गए, 25 का सुराग नहीं। उत्तराखंड के Chamoli में बद्रीनाथ के पास बीते शुक्रवार की सुबह अचानक बर्फबारी के दौरान हुए Glacier Burst में फंसे सड़क निर्माण कार्य में लगे 57 मजदूर फंस गए थे।

Advertisment

सेना, आईटीबीपी और BRO के जवानों ने Rescue ऑपरेशन चलाकर 32 मजदूरों को निकाल लिया है जबकि 25 का सुराग नहीं मिला है।

बद्रीनाथ धाम के पास बीते शुक्रवार को भारत-चीन (तिब्बत) सीमा क्षेत्र में माणा कैंप के पास भारी हुए हिमस्खलन – Glacier Burst की घटना पर उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी भी चिंतित हैं। CM धामी लगातार Rescue ऑपरेशन का अपडेट ले रहे हैं।

मौके पर माइनस 8 तापमान में जमी है 8 फीट बर्फ

Rescue ऑपरेशन के दौरान भारी दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है। हादसास्थल पर तापमान माइनस 8 डिग्री सेल्सियस है जबकि Glacier Burst के बाद से मौके पर जारी बर्फबारी के कारण 8 फीट तक मोटी बर्फ की परत जम गई है।

8 फीट बर्फ और लगातार होती भारी बर्फबारी, तापमान माइनस में… ऐसी विषम परिस्थितियों में भी भारतीय सेना और आईटीबीपी के जवान Glacier Burst में दबे मजदूरों को निकालने में जुटे हैं। तलाशी अभियान में जुटे हैं।

जमी बर्फ के परत को हटाते हुए सर्च अभियान जारी है। हादसे के बाद बीते शुक्रवार को ही उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी में सभी दबे मजदूरों के सुरक्षित होने की प्रार्थना की।

चमोली में ग्लेशियर फटने वाले स्थान पर जमी बर्फ की मोटी परत में फंसे मजदूर।
चमोली में ग्लेशियर फटने वाले स्थान पर जमी बर्फ की मोटी परत में फंसे मजदूर।

बद्रीनाथ में सड़क निर्माण के दौरान हुआ हादसा

बता दें कि भारी हिमस्खलन के दौरान Glacier Burst में दबे सभी मजदूर बद्रीनाथ धाम के पास सड़क निर्माण कार्य में लगे हुए थे। उसी दौरान यह हादसा हुआ। हादसे की सूचना मिलते ही बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) और जिला पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए।

आनन-फानन में Rescue ऑपरेशन शुरू किया गया।  बर्फ में दबे 32 मजदूरों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि अन्य की तलाश की जा रही है। मौके पर चमोली जिला पुलिस-प्रशासन के अधिकारी और BRO टीम के सदस्य मौजूद हैं।

क्षेत्र में मौसम खराब होने के चलते संचार सेवा ठप पड़ी है। चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि माणा और माणा पास के बीच हिमस्खलन होने से मजदूरों के दबने की की घटना हुई है।

एयर फोर्स से मदद मांगी गई। सेना, आईटीबीपी रेस्क्यू में जुटी है। NDRF  की टीम  को भी मौके पर भेजा गया है। आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने अब तक 32 मजदूरों को निकाल लिए जाने की पुष्टि की है।

ग्लेशियर फटने के बाद चमोली में जारी रेस्क्यू ऑपरेशन का दृश्य
ग्लेशियर फटने के बाद चमोली में जारी रेस्क्यू ऑपरेशन का दृश्य

बद्रीनाथ धाम से 3 किलोमीटर आगे हुआ है यह हादसा

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, उत्तराखंड में शुरू होने वाले चारधाम यात्रा की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। उसी को देखते हुए बद्रीनाथ धाम से 3 किलोमीटर आगे माणा गांव के पास सड़क से बर्फ हटाने और उसकी मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है।

आज शुक्रवार सुबह के समय भी एक निजी ठेकेदार के 57 मजदूर सड़क पर से बर्फ हटा रहे थे। तभी अचानक से पहाड़ पर ग्लेशियर फटा और सभी के सभी मजदूर बर्फ में दब गए।

ग्लेशियर फटने के बाद चमोली में जारी रेस्क्यू ऑपरेशन का दृश्य
ग्लेशियर फटने के बाद चमोली में जारी रेस्क्यू ऑपरेशन का दृश्य

इससे मौके पर अफरातफरी की स्थिति बनी। सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य में सुरक्षा एजेंसियां अपने-अपने स्तर पर समन्वय बिठाते हुए जुटीं। इस हादसे पर उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी ने संवेदना व्यक्त करते हुए अपना बयान सोशल मीडिया पर जारी किया है।

अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर CM पुष्कर सिंह धामी ने लिखा – ‘जनपद चमोली में माणा गांव के निकट BRO द्वारा संचालित निर्माण कार्य के दौरान हिमस्खलन की वजह से कई मजदूरों के दबने का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ। ITBP, BRO और अन्य बचाव दलों द्वारा राहत एवं बचाव कार्य संचालित किया जा रहा है। भगवान बदरी विशाल से सभी श्रमिक भाइयों के सुरक्षित होने की प्रार्थना करता हूं।’

Advertisement
error: Content is protected !!
Follow 22Scope Channel Get Breaking Updates