मुंगेर : मौत कैसे और कब आ जाए ये किसी ने नहीं देखा है। ताजा मामला मुंगेर जिलांतर्गत बरियारपुर थाना क्षेत्र के नदिया गांव का है। जहां रामस्वरूप मंडल के घर में नए सेप्टिक टैंक का निर्माण दो माह पूर्व हुआ था। नवन टैंक के छत का शटरिंग खोलना था। जिसको लेकर छह मजदूरों को बुलाया गया था। पर जब टैंक का ढक्कन खोला गया और एक मजदूर उस टैंक में उतरा तो वह वहीं बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे बचाने के लिए दूसरा उतरा वो भी बेहोश हो गए। इस तरह एक दूसरे को बचाने पांच मजदूर उतरे सभी बेहोश होने लगे। जिसे देख अन्य मजदूरों में हाहाकार मच गया।
सेप्टिक टैंक के छत के एक तरफ के भाग को तोड़ा गया, सभी को रस्सी के सहारे निकाला गया
आपको बता दें कि आनन-फानन में सेप्टिक टैंक के छत के एक तरफ के भाग को तोड़ा गया और उसके बाद सभी को रस्सी से बांध बांध ऊपर लाया गया। तबतक वहां ग्रामीणों का भारी भीड़ लग गई। उसके बाद सभी ने तत्काल पांचों को वहां के निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां से उसे बरियारपुर प्राथमिक स्वास्थ केंद्र भेज दिया गया। प्राथमिक स्वास्थ केंद्र से सभी को दो एंबुलेंस से सदर अस्पताल भेज दिया गया।
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डॉक्टर ने एक मजदूर राजेश को मृत घोषित कर दिया, 3 की स्थिति चिंताजनक
वहीं डॉक्टरों ने एक मजदूर राजेश को मृत घोषित कर दिया तो तीन अन्य मजदूर की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। जबकि एक की स्थिति अभी ठीक है। प्रत्यक्षदर्शियों और मजदूरों ने बताया कि टैंक बंद होने के कारण उसमें जहरीला गैस बन गया था। जिस वजह से जैस-जैसे मजदूर टैंक में उतरता गया वो बेहोश होते चला गया। जिसके बाद सेप्टिक टैंक का एक तरफ का छत तोड़ सभी को रस्सी से बाहर निकाला गया। वहीं डॉक्टर रौशन ने बताया कि टैंक में जहरीली गैस के बन जाने के बाद सभी बेहोश होते चले गए। जिसमें से राजेश की मौत हो गई।
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गौतम कुमार की रिपोर्ट
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