CNT एक्ट उल्लंघन मामले में पूर्व मंत्री एनोस एक्का, पत्नी मेनन समेत 9 दोषी करार। आज कोर्ट सजा सुनाएगा। जानें पूरा मामला और सीबीआई की कार्रवाई।
रांची। CNT एक्ट उल्लंघन मामले में पूर्व मंत्री एनोस एक्का, उनकी पत्नी मेनन एक्का और रांची के तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात समेत नौ लोगों को दोषी करार दिया गया है। शुक्रवार को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एसएन तिवारी की अदालत ने यह फैसला सुनाया। दोषियों को फैसले के बाद बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा (हॉटवार जेल) भेज दिया गया। अब शनिवार को अदालत दोषियों की सजा का ऐलान करेगी।

यह मामला करीब 15 साल पुराना है, जिसमें आरोप था कि एनोस एक्का ने सीएनटी एक्ट की धारा 46 का उल्लंघन कर लगभग 1.18 करोड़ रुपये की आदिवासी जमीन खरीदी थी।
Key Highlights
सीएनटी एक्ट उल्लंघन मामले में पूर्व मंत्री एनोस एक्का, पत्नी मेनन एक्का सहित 9 लोग दोषी करार।
मामला 15 साल पुराना, आदिवासी जमीन की अवैध खरीद पर फैसला सुनाया गया।
सीबीआई विशेष जज एसएन तिवारी की अदालत ने दोष सिद्ध कर हॉटवार जेल भेजा।
दोषियों में रांची के तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात और कई राजस्व अधिकारी शामिल।
एक आरोपी सबूत के अभाव में बरी, एक की हालत गंभीर होने से केस अलग किया गया।
हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने 2010 में एफआईआर दर्ज की थी।
आज (शनिवार) दोषियों की सजा पर होगी सुनवाई।
कौन-कौन हुए दोषी
दोषी पाए गए लोगों में पूर्व मंत्री एनोस एक्का, उनकी पत्नी मेनन एक्का, रांची के तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात, तत्कालीन तीन सीआई — राज किशोर सिंह, फिरोज अख्तर और अनिल कुमार, राजस्व कर्मचारी ब्रजेश मिश्रा, मनीलाल महतो और ब्रजेश्वर महतो शामिल हैं।
कौन हुए बरी
मामले में कुल 11 आरोपी ट्रायल फेस कर रहे थे। इनमें से तत्कालीन राजस्व कर्मचारी गोवर्धन बैठा को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। वहीं, आरोपी परशुराम केरकेट्टा की तबीयत गंभीर होने के कारण उसका केस अलग कर दिया गया।
सीबीआई की जांच
इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने 4 अगस्त 2010 को एफआईआर दर्ज की थी। दिसंबर 2012 में चार्जशीट दाखिल हुई और 5 नवंबर 2019 को आरोप तय किए गए। लंबे ट्रायल के बाद अदालत ने आखिरकार 29 अगस्त 2025 को दोष तय कर फैसला सुनाया। आज शनिवार को दोषियों की सजा पर बहस के बाद अदालत अपना आदेश सुनाएगी।


















