रांची: रांची जिले के विभिन्न अंचलों में जमीन के म्यूटेशन के लिए आ रहे आवेदनों में से लगभग 60 प्रतिशत आवेदनों को अस्वीकृत किया जा रहा है। सबसे गंभीर बात यह है कि इन आवेदनों को बिना किसी ठोस कारण के खारिज किया जा रहा है। कई मामलों में कागजात अधूरे बताकर या खाता-प्लॉट में गड़बड़ी का हवाला देकर आवेदन रिजेक्ट किए जा रहे हैं, जिससे आवेदकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कुछ आवेदक ऐसे भी हैं जिनके आवेदन दो से तीन बार अस्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि राज्य सरकार द्वारा लागू सुओ-मोटो म्यूटेशन योजना के तहत म्यूटेशन की प्रक्रिया को सुगम बनाया जाना था। इसके बावजूद आम जनता को राहत नहीं मिल रही है।
डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए सभी अंचल अधिकारियों (CO) को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में रिजेक्ट किए गए आवेदनों की सूची तैयार करें। साथ ही वरीय अधिकारियों को अंचलवार जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीसी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अगर किसी आवेदन को बिना उचित कारण के रिजेक्ट करने का मामला सामने आया, तो संबंधित सीओ के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। डीसी ने सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में अन्य योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की।
बहरहाल, यह पूरा मामला प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर रहा है। लोगों की मांग है कि म्यूटेशन की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाया जाए ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी न हो।







