77वां गणतंत्र दिवसः राजधानी में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने फराया तिरंगा, कहा- विकास, सशक्तिकरण और संभावनाओं का झारखंड

Ranchi: राजधानी में 77वें गणतंत्र दिवस रंगारंग कार्यक्रमों के बीच धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर आज राज्यस्तरीय समारोह का आयोजन मोरहाबादी मैदान में हुआ। मुख्य अतिथि राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने सुबह 9 बजे राष्ट्रीय ध्वज फराया और परेड को सलामी दी। उन्होंने देश और प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी।

मौके पर राज्यपाल ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए राज्य के सर्वांगीण विकास की दिशा में सरकार के प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज का दिन देश की आज़ादी के लिए संघर्ष करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने का है।

स्वतंत्रता सेनानियों को नमन, शिबू सोरेन को पद्म भूषण पर आभार:

राज्यपाल ने झारखंड के वीर सपूत बिरसा मुंडा, फूलो-झानो, शेख भिखारी सहित सभी महान पुरुषों और महिलाओं को नमन किया। उन्होंने झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता शिबू सोरेन को पद्म भूषण से सम्मानित किए जाने पर भारत सरकार के प्रति आभार प्रकट किया।

संविधान की भावना और निरंतर प्रगति का मार्ग:

राज्यपाल ने कहा कि 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया संविधान सभी वर्गों को ध्यान में रखकर बनाया गया था। आज उसी संविधान के मार्गदर्शन में झारखंड निरंतर विकास की ओर बढ़ रहा है। उद्योग, स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा जैसे हर क्षेत्र में राज्य आगे बढ़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत तेज़ी से प्रगति कर रहा है।

पेसा नियमावली से ग्राम सभा होगी सशक्त:

राज्यपाल ने बताया कि पेसा नियमावली को अधिसूचित कर दिया गया है, जिससे ग्राम सभाओं को वास्तविक ताकत मिलेगी। उन्होंने झारखंड को असीम संभावनाओं वाला राज्य बताते हुए कहा कि यह राज्य धार्मिक और आस्था का भी प्रमुख केंद्र है।

किसान, उद्यम और समावेशी आर्थिक विकास:

उन्होंने कहा कि राज्य में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को प्रोत्साहित कर संतुलित और समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए खरीफ विपणन मौसम 2025-26 में 6 लाख टन धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

महिला सशक्तिकरण की नई दास्तान:

मातृ शक्ति को नमन करते हुए राज्यपाल ने कहा कि माताओं, बहनों और बेटियों के सम्मान, स्वाभिमान, स्वावलंबन और सुरक्षा के लिए सरकार प्रभावी कदम उठा रही है। ‘मैया सम्मान योजना’ को उन्होंने महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की नई दास्तान बताया। सखी मंडलों के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही हैं। राज्य के सभी जिलों और प्रखंडों में करीब 3 लाख सखी मंडलों का गठन हो चुका है। गुमला जिले में महिलाओं द्वारा संचालित जोहार रागी मिशन राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है।

शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े कदम:

राज्यपाल ने कहा कि ‘गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना’ के माध्यम से छात्रों को उच्च शिक्षा में आने वाली बाधाओं को दूर किया जा रहा है। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा सुपर स्पेशियलिटी रिम्स-2 का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा पीपीपी मोड पर पूर्वी सिंहभूम, खूंटी, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा और धनबाद में छह नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की प्रक्रिया चल रही है।

रिपोर्टः करिश्मा सिन्हा

 

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