रांची : सिलागाईं में निर्माणाधीन एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय के निर्माण के मुद्दे को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों और प्रखंड के जनप्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई. पूर्व विधायक देवकुमार धान के नेतृत्व में सभा व सड़क जाम कर इस आवासीय विद्यालय के निर्माण का विरोध किया गया था. शुक्रवार को हुई बैठक में सभी ने देवकुमार धान के शिक्षा विरोधी कार्यकलाप और चंद लोगों को बरगलाकर क्षेत्र में माहौल बिगाड़ने के प्रयास की निंदा की. पूर्व विधायक की ओर से विद्यालय का निर्माण अन्यत्र कराने की मांग को सिरे से खारिज करते हुये हर हाल में सिलागाईं में ही विद्यालय का निर्माण कराने का संकल्प लिया गया.

समिति के अध्यक्ष डॉ दिवाकर मिंज ने जनजातीय बच्चों के लिए बन रहे एकलव्य विद्यालय के निर्माण के विरोध को अनुचित बताया, कहा कि इसके बनने से शिक्षा के साथ लोगों को रोजगार भी मिलेगा. बता दें कि केंद्रीय बजट में आदिवासी बहुल क्षेत्रों में 750 नए एकलव्य विद्यालय खोले जाने की घोषणा की गई है. ये सभी विद्यालय वर्ष 2022 तक खोले जाएंगे. इससे जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पास के विद्यालयों में ही उपलब्ध हो सकेगी. बजट में एकलव्य विद्यालयों की लागत अब 20 करोड़ से बढ़ाकर 38 करोड़ रुपये कर दी गई है. पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में यह लागत प्रति विद्यालय 48 करोड़ रुपये कर दी गई है.
रिपोर्ट : करिश्मा सिन्हा


















