देवघर : जिला के नगर थाना क्षेत्र के झौंसागढ़ी मोहल्ले में गुरुवार की शाम 9 लाख रुपये की लूट के मामले का उद्भेदन 48 घंटे के अंदर कर लिया गया. इस मामले में शिकायत कर्त्ता मनीष कुमार ने पैसे हड़पने की नीयत से इस घटना को अपने दो साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया था.
पुलिस ने पूरे मामले को सुलझाते हुए मामले में शामिल तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और लुटे गए पैसों को भी बरामद कर लिया है. इस संबंध में शनिवार को एसपी कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में डीआइजी सुदर्शन मंडल ने पूरे मामले की जानकारी दी. डीआइजी ने बताया कि इस मामले के उद्भेदन के लिए देवघर एसडीपीओ के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई थी. पुलिस को शुरुआती दौर से यह मामला संदिग्ध लग रहा था. वहीं जांच के दौरान शिकायतकर्त्ता मनीष कुमार से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने इस मामले का खुलासा किया. डीआइजी ने बताया कि इस मामले के शिकायतकर्त्ता मनीष कुमार ने कंपनी की मोटी रकम को हड़पने की नीयत से अपने दो साथी विनीत तिवारी उर्फ बंटी और निशांत श्रीवास्तव के साथ मिलकर इस घटना की प्लानिंग की थी.
पुलिस ने रिखिया थाना क्षेत्र के खपरोडीह के रहनेवाले विनीत और निशांत को भी गिरफ्तार कर लिया है. लूट की झूठी कहानी को अंजाम देकर इस मामले में पुलिस के पास शिकायत भी की गई. वहीं पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए तीनों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने इनके पास से लुटे हुए 8,89,600 रुपया, घटना में प्रयुक्त प्लेटिना मोटरसाइकिल, एक कार और चार मोबाइल भी बरामद किया है.
रिपोर्ट : कुलवन्त कुमार


















