PATNA : उपेंद्र कुशवाहा अति महत्वकांक्षी हैं, यही उनकी सबसे बड़ी कमी है. और उनका इतिहास रहा है कि वे कहीं टिकते नहीं हैं. वो जहां जाएं वहां कम से कम टिके. यह बातें जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा. उपेंद्र कुशवाहा के जेडीयू से अलग होकर नई पार्टी का एलान करने के बाद उन्होंने प्रेस वार्ता कर कही.

उन्होंने उपेंद्र कुशवाहा को नई पार्टी बनाए जाने पर शुभकामनाएं दी है. उन्होंने कहा कि पिछले दिसंबर महीने से उनकी गतिविधियां पार्टी विरोधी रही हैं. उपेंद्र कुशवाहा के इस आरोप पर कि नीतीश कुमार खुद निर्णय नहीं लेते हैं दूसरों की बात सुनते हैं का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अगर नीतीश कुमार दूसरों की बातें सुनते तो सबसे पहले उपेंद्र कुशवाहा को जेडीयू में शामिल नहीं करते.
‘उपेंद्र कुशवाहा पर कोई भी जेडीयू नेता भरोसा नहीं करता’

ललन सिंह ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा पर जेडीयू का एक भी नेता भरोसा नहीं करता. जब दुबारा वे पार्टी में शामिल होने आये थे तब भी तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी इसका विरोध किया था. लेकिन नीतीश कुमार ने उन्हें पार्टी में शामिल किया. साथ ही पार्टी में महत्वपूर्ण पदों पर भी आसीन किया. उनके जाने से पार्टी की सेहत पर कोई नुकसान नहीं होगा.
‘जेडीयू ने उपेंद्र कुशवाहा को पार्टी में दिया था महत्वपूर्ण स्थान’
जेडीयू में उपेंद्र कुशवाहा को कई महत्वपूर्ण पद दिये गये. कुशवाहा को विधायक दल का नेता बनाया गया. उन्हें जेडीयू ने राजयसभा भी भेजा. राज्यसभा जाने के बाद फिर उन्होंने पार्टी विरोधी काम किया और बाहर चले गये. उसके बाद फिर उन्होंने जेडीयू में वापस आने की इच्छा जाहिर की. उस वक्त भी कोई भी कार्यकर्ता दुबारा पार्टी में शामिल करने के पक्ष में नहंी था.
उपेंद्र कुशवाहा पर कोई भरोसा नहीं करेगा: ललन सिंह
उपेंद्र कुशवाहा के इतिहास को देखते हुए उन पर कोई भी भरोसा नहीं करेगा.
जहां वह जा रहे हैं वहां भी लोग उन पर भरोसा नहीं करेंगे. इंडिया से जब बाहर निकले तो आरजेडी के साथ गठबंधन किया उसके बाद फिर बहुजन समाज पार्टी और ओवैसी के पार्टी के साथ गठबंधन बनाए. फिर जेडीयू में आये और अब अपनी पार्टी बना ली.
कहीं पर निगाहें कहीं पर निशाना: ललन सिंह
बार-बार उपेंद्र कुशवाहा दिल्ली की यात्रा कर रहे थे. पिछले दिसंबर से उनकी जो गतिविधि थी यह पार्टी में सभी को पता था. एक भी बात छुपता नहीं है. उपेंद्र कुशवाहा किस दिशा में जा रहे हैं यह सभी को पता था. उनकी निगाहें कहीं और थी और निशाना कहीं और था.
‘कर्पूरी ठाकुर के आदर्शों को उपेंद्र ने आगे नहीं बढ़ाया’
ललन सिंह ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा ने जेडीयू को कभी मजबूती नहीं दी. उन्होंने कर्पूरी ठाकुर के आदर्शों को कभी आगे नहीं बढ़ाया. नीतीश कुमार ने कर्पूरी ठाकुर के आदर्शों को आगे बढ़ाया है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार सुनते सबकी हैं और करते अपने मन की हैं. मुख्यमंत्री अगर किसी के कहने पर चलते तो उपेंद्र कुशवाहा को पार्टी में नहीं लाया जाता. उपेंद्र कुशवाहा ने जब ज्वाइन किया था तो बोले थे कि जीना यहां मरना यहां है.
रिपोर्ट : राजीव कमल
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