बिहार में Fancy Number Plate का क्रेज: दो महीने में 4117 जारी, सरकार को 6 करोड़ का Revenue

 बिहार में दो महीने में 4117 फैंसी नंबर प्लेट जारी, सरकार को 6 करोड़ राजस्व। पटना सबसे आगे, ई-नीलामी से पारदर्शी आवंटन।

 Fancy Number Plate  पटना : बिहार में वाहन मालिकों के बीच फैंसी नंबर प्लेट लेने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने जानकारी दी कि 1 दिसंबर 2025 से 13 फरवरी 2026 के बीच राज्य में कुल 4,117 फैंसी नंबर प्लेट जारी किए गए। इससे राज्य सरकार को करीब 6 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।

सबसे अधिक फैंसी नंबर प्लेट राजधानी पटना में जारी हुए हैं, जिससे अकेले पटना जिले से 2.46 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में जमा हुए।

 Fancy Number Plate : पटना सबसे आगे, अन्य जिलों में भी बढ़ी मांग

आंकड़ों के अनुसार, पटना में 1,597 फैंसी नंबर प्लेट रजिस्टर्ड किए गए। इसके बाद मुजफ्फरपुर में 358, गया में 321, पूर्णिया में 189 और रोहतास में 174 फैंसी नंबर प्लेट जारी हुए।

राजस्व की बात करें तो मुजफ्फरपुर से 52.17 लाख रुपये, गया से 41.10 लाख रुपये, पूर्णिया से 33.53 लाख रुपये और रोहतास से 20.90 लाख रुपये सरकार को प्राप्त हुए। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ अन्य जिलों में भी मनपसंद नंबर लेने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है।

 Fancy Number Plate : निबंधन पेंडेंसी कम होने से बढ़ी सुविधा

परिवहन मंत्री ने बताया कि बीते दो महीनों में जिला परिवहन कार्यालयों में लंबित वाहन निबंधन मामलों को काफी हद तक कम किया गया है। इससे लोगों को वाहन निबंधन और अन्य परिवहन सेवाएं तेजी से मिल रही हैं।

उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और ऑनलाइन व्यवस्था मजबूत होने के कारण लोगों को फैंसी नंबर हासिल करने में सहूलियत हुई है। इससे राजस्व में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।


Key Highlights

• दो महीने में 4,117 फैंसी नंबर प्लेट जारी

• राज्य सरकार को करीब 6 करोड़ रुपये का राजस्व

• पटना से सर्वाधिक 2.46 करोड़ रुपये की वसूली

• ई-नीलामी के जरिए पारदर्शी आवंटन व्यवस्था

• प्रीमियम नंबरों के लिए 1 लाख रुपये तक शुल्क निर्धारित


 Fancy Number Plate : ई-नीलामी से होता है फैंसी नंबर का आवंटन

राज्य में फैंसी नंबर प्लेट का आवंटन बिहार मोटर वाहन नियमावली 1992 के नियम 64 के तहत ई-नीलामी के माध्यम से किया जा रहा है। गैर-परिवहन और परिवहन वाहनों के लिए अलग-अलग आधार शुल्क निर्धारित है।

फैंसी नंबरों को पांच समूहों में बांटा गया है। ए समूह के प्रीमियम नंबर जैसे 0001, 0003, 0005, 0007, 0009 के लिए गैर-परिवहन वाहनों पर 1 लाख रुपये और परिवहन वाहनों पर 35 हजार रुपये शुल्क निर्धारित है। 1100, 1212, 2525 और 9999 जैसे लोकप्रिय नंबर भी ऊंची कीमत पर उपलब्ध हैं।

यदि किसी एक नंबर के लिए दो या अधिक आवेदन आते हैं तो ई-नीलामी की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसमें भाग लेने के लिए 1,000 रुपये का गैर-वापसी योग्य रजिस्ट्रेशन शुल्क देना होता है। सबसे ऊंची बोली लगाने वाले आवेदक को नंबर आवंटित किया जाता है। सफल बोलीदाता को सात दिनों के भीतर पूरी राशि जमा करनी होती है, अन्यथा नंबर रद्द कर दूसरे आवेदक को अवसर दिया जाता है।

इच्छुक वाहन मालिक https://vahan.parivahan.gov.in पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जन्मतिथि, लकी नंबर या विशेष अंक संयोजन के प्रति लोगों की बढ़ती दिलचस्पी के कारण फैंसी नंबर प्लेट की मांग लगातार बढ़ रही है।

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