सोनू सूद ने बिना आंख के जन्मे बच्चे के इलाज का लिया जिम्मा

रिपोर्टः अनिल शर्मा/ न्यूज 22स्कोप

नवादाः एक मां के लिए सुखद एहसास होता है जब उसका बच्चा धरती पर जन्म लेता है और वो बच्चा जब आए और पता चले कि उसमें कमी है तो क्या गुजरेगी उस मां पर. इस धरती पर एक ऐसे बच्चे ने जन्म लिया जिसकी आंखे ही नहीं है. पूरा मामला जिले के पकरीबरावां थाना क्षेत्र के गोगन पंचायत के अमरपुर गांव का बताया जाता है. जहां एक ऐसा बच्चा पैदा हुआ जिसकी आंखे ही नहीं है. पीड़ित बच्चे का परिवार के पास पैसे का अभाव रहने के कारण पीड़ित परिवार अपने बच्चे का इलाज नहीं करा पाए. वहीं इस पीड़ित बच्चे का विडियो सोशल मीडिया पर देख बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद इस गरीब परिवार के लिए मसीहा बनकर सामने आए है. सोनू सूद बिन आंख के बच्चे गुलशन का इलाज कराने का जिम्मा अपने कंधों पर ले लिया है.

सोनू की वजह से सामान्य जीवन जी पाएगा गुलशन

सोनू सूद ने ट्वीट करते हुए लिखा है की ‘चल बेटा गुलशन, इलाज का समय हो गया, अब अपनी आंखों से दुनिया देख. बिन आंख के जन्मे एक 11 महीने का मासूम गुलशन अब सिर्फ सोनू की वजह से सामान्य जीवन जी पाएगा. गुलशन के पिता राजेश चौहान रिक्शा चालक बताए जाते है. पीड़ित बच्चे गुलशन का पिता राजेश रिक्शा चलाकर अपने परिवार का गुजर बसर करते है. मां गृहणी बताई जाती है. वहीं गुलशन के परिवार का कहना है कि प्रेग्नेंसी के दौरान लिए के सभी चेकअप हुए, लेकिन ऐसी किसी बात का संदेह नहीं था. वहीं बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद के वजह से अब गुलशन बहुत जल्द दुनिया को देखेगा. पीड़ित बच्चे का पिता ने बताया की सोनू सूद सिर्फ एक्टर ही नहीं हैं, बल्कि वो हर जरूरतमंद देशवासी के लिए मसीहा बन चुके हैं. सोनू सूद ने कई लोगों की मदद करके उन्हें नई जिंदगी दी है. पीड़ित बच्चे का परिवार सोनू सूद को अपना भगवान मान चुके है.

जरूरतमंद कि मदद के लिए तत्पर रहते है सोनू सूद

बॉलीवड स्टार सोनू जो हमेशा जरूरतमंद की मदद के लिए तत्पर रहते है. सोनू सूद आज बॉलीवुड का ऐसा चेहरा बन चुके है, जिन्हें पूरी दुनियां के लोग उनकी नेकी की वजह से प्यार और इज्जत कि नजरों से देखते है. वहीं सोनू के इस ऐलान के बाद फैंस उन्हें सुपर हीरो बता रहे हैं.

Ranchi School Tobacco Case: स्कूल जाने की उम्र में तंबाकू का...

Ranchi School Tobacco Case: राजधानी रांची के जगन्नाथपुर स्थित राजकीयकृत उच्च विद्यालय में आयोजित दंत एवं मुख स्वास्थ्य जांच शिविर के दौरान बच्चों में...

Pitru Paksha 2026: 26 सितंबर से शुरू होगा पितृपक्ष, 15 दिन...

पितृपक्ष 2026 की शुरुआत 26 सितंबर से होगी और 10 अक्टूबर को सर्वपितृमोक्ष अमावस्या के साथ समापन होगा। जानें श्राद्ध की पूरी तिथि।Pitru Paksha...

Private Universities: सुप्रीम कोर्ट ने मांगा 5 साल का हिसाब, झारखंड...

 सुप्रीम कोर्ट ने निजी विश्वविद्यालयों से पिछले पांच साल के एडमिशन, फीस, वेतन और वित्तीय ऑडिट का ब्योरा मांगा है। झारखंड में 19 विश्वविद्यालयों...