रांची: 24 जुलाई को कर्बला चौक में निवास करने वाले 15 वर्षीय अली खान की दुखद मृत्यु हो गई थी। उनकी मौत का कारण चिकित्सकों की लापरवाही मानी जा रही थी। इस संदर्भ में सिविल सर्जन द्वारा गठित जांच कमेटी ने मंगलवार को अली के परिजनों से जानकारी लेने का कार्य किया। इस कमेटी ने उनके परिजनों से पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी लिखित रूप में प्राप्त की।
परिजनों द्वारा प्रस्तुत आवेदन में बताया गया कि अली नानी के घर आए हुए थे, और एक क्षेत्र में फिसल कर उनके पैर का जख्म हो गया था। उन्हें सदर अस्पताल लाया गया, जहां ड्यूटी डॉक्टर डॉ. शेरान अली ने उन्हें एक्सरे करने की सलाह दी। पहले एक्सरे का परिणाम संतुष्टग्रस्त नहीं था, इसलिए दोबारा दो इंजेक्शन द्वारा एक्सरे करने की सलाह दी गई।
बाद में, दोबारा एक्सरे कराने के परिणामस्वरूप, डॉ. शेरान ने बताया कि बच्चे का पैर टूट गया है और उसके ऑपरेशन की आवश्यकता है। परिजनों ने सवाल किया कि क्या यह ऑपरेशन सदर अस्पताल में हो सकता है, जिसका उत्तर मिला कि वहां भीड़ होने के कारण यह कम से कम 15 दिन लग सकते हैं।
उसके बाद, डॉ. शेरान ने बताया कि यदि जल्दी ऑपरेशन कराना हो तो उनके प्राइवेट क्लिनिक में आना होगा। उन्होंने अगले दिन मरीज को विनायका अस्पताल लाने की सलाह दी।
ऑपरेशन के समय, एनेस्थेसिया की अधिशेष खपत के कारण बच्चे की स्थिति में सुधार नहीं हो सका। डॉक्टर की सलाह के बाद, उन्होंने बच्चे को रिम्स अस्पताल भेज दिया, जहां उनका निधन हो गया।
इस घटनाक्रम की जांच कमेटी ने परिजनों को सूचित किया कि वे निष्पक्षता से जांच कर रही हैं। इसके परिणामस्वरूप, विभिन्न पहलुओं की जांच के बाद, जांच कमेटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट को सिविल सर्जन को प्रस्तुत करेगी।

















