Muzaffarpur Teachers National Workshop: जिले के दो शिक्षकों का राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित दो दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला के लिए चयन हुआ है। यह कार्यशाला 26 और 27 अक्टूबर 2026 को ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित वर्ल्ड स्किल सेंटर में आयोजित की जाएगी। इसमें दोनों शिक्षक बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे। चयनित शिक्षकों में उत्क्रमित मध्य विद्यालय सलेमपुर ढाब, कांटी के शिक्षक सह डिस्ट्रिक्ट टेक्निकल टीम लीड अभिषेक कुमार और उत्क्रमित मध्य विद्यालय गोपालपुर नेउरा, सरैया के शिक्षक सह डिस्ट्रिक्ट टेक्निकल टीम सदस्य अभिषेक कुमार शामिल हैं।
शिक्षा मंत्रालय और NCERT की पहल पर होगा आयोजन
राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के निर्देशों के तहत एनसीईआरटी की घटक इकाई पीएसएस सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ वोकेशनल एजुकेशन (PSSCIVE), भोपाल की ओर से किया जा रहा है। कार्यशाला का उद्देश्य स्कूली शिक्षकों की कार्यक्षमता बढ़ाना और विद्यालयों में आधुनिक, व्यावहारिक तथा रोजगारोन्मुख शिक्षा को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए उन्हें प्रशिक्षित करना है।
कौशल आधारित शिक्षा और करियर मार्गदर्शन पर मिलेगा प्रशिक्षण
कार्यशाला में विद्यालयों में कौशल आधारित ‘बैगलेस डे’, ‘कौशल बोध’ और ‘माई करियर एडवाइजर ऐप’ के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया जाएगा। इस दौरान शिक्षकों को व्यावहारिक कौशल आधारित शिक्षा, अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning) और विद्यार्थियों को सही समय पर करियर मार्गदर्शन देने के आधुनिक तरीकों की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल और भविष्य के करियर विकल्पों के लिए तैयार करना है।
प्रशिक्षण के बाद बिहार के शिक्षकों के साथ साझा करेंगे अनुभव
भुवनेश्वर में प्रशिक्षण पूरा करने के बाद दोनों शिक्षक अपने अनुभव और सीखी गई तकनीकों को बिहार के अन्य शिक्षकों के साथ साझा करेंगे। इससे राज्य के विद्यालयों में कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने में मदद मिलने की उम्मीद है। इस पहल से विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान, रोजगारोन्मुख कौशल और करियर चयन के प्रति जागरूक बनाने के प्रयासों को मजबूती मिल सकती है।
शिक्षा अधिकारियों ने दी बधाई और शुभकामनाएं
मुजफ्फरपुर के दो शिक्षकों के राष्ट्रीय कार्यशाला के लिए चयन पर जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमार अरविंद सिन्हा, डीपीओ आयुष कुमार और जिला शिक्षक शिक्षा समन्वयक मनोज कुमार ने प्रसन्नता व्यक्त की है। अधिकारियों ने दोनों शिक्षकों को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि कार्यशाला से प्राप्त उनका अनुभव राज्य की शिक्षा व्यवस्था में कौशल आधारित शिक्षण को आगे बढ़ाने में उपयोगी साबित होगा।


















