रांची: झारखंड के 25 छात्र-छात्राएँ विदेश में उच्च शिक्षा पाने के लिए मौका प्राप्त करेंगी। राज्य सरकार ने मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशी छात्रवृत्ति योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत 2023-24 के लिए चयनित छात्रों को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार, 11 अगस्त को प्रमाणपत्र दिया।
झारखंड मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम में कल्याण मंत्री चंपई सोरेन, ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम, श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता और कला संस्कृति एवं खेल मंत्री हफिजुल अंसारी मौजूद रहेंगे। चयनित 25 छात्रों में से 5 अनुसूचित जाति, 7 पिछड़ा वर्ग, और 3 अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों का चयन किया गया है, जबकि बाकी 10 छात्र अनुसूचित जनजाति से हैं।
इन चुने गए छात्रों को 2023-24 के लिए आयरलैंड और ब्रिटेन के प्रमुख विश्वविद्यालयों में मास्टर की पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। इस योजना के तहत, राज्य सरकार पढ़ाई के दौरान होने वाले सभी खर्चों का पूरा व्यवस्थित करेगी। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने 2021 में इस योजना की शुरुआत की थी, जिसमें पहले आदिवासी छात्रों को विदेश में पढ़ने के लिए भेजा गया था, लेकिन बाद में सरकार ने दलित पिछड़ी जातियों और अल्पसंख्यक समुदाय के लिए भी दरवाजे खोल दिए।
कल्याण विभाग के द्वारा मिली जानकारी के अनुसार इस साल मरांग गोमके पारदेशी छात्रवृत्ति योजना के तहत 25 विद्यार्थियों को विदेश में पढ़ने का अवसर प्राप्त होगा, जिसकी चयन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसके लिए विभाग ने ऑनलाइन माध्यम से आवेदन मांगे थे और उन छात्रों को मंजूरी दी गई है जिनकी अर्हता पूरी है।
चयनित छात्रों के नामों में अनुसूचित जनजाति से ज्योति वंदना, स्तुति होरो, मधुमिता मुंडा, एस सिंह मुंडा, प्रफुल्ल किरण केरकेट्टा, मेरी स्मृति कुजूर, नीतू सोरेन, आयुष स्टीफन टोप्पो, मांग पूर्ति और कमल शाश्वत का नाम शामिल है। दलित वर्ग से निर्भय प्रकाश, श्रवण कुमार, निधि बाघमार, ओम प्रकाश और अक्षय कुमार भी चयनित हैं। पिछड़ा वर्ग से अभिषेक कुमार, सूरज कुमार मोदी, मनीष कुमार, प्रेरित राज, जीशान आलम, प्रीतम पूरी और मलिका महतो का चयन किया गया है। अल्पसंख्यक समुदाय से हसन अली बन्ना, मोहम्मद जीशान अहमद और फैजान अली भी शामिल हैं।

