जूस कारोबारी मुकेश और उनके सहयोगी रोहन के हत्याकाड़ का खूलासा

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रांची:  11 अगस्त देर रात को, बरियातू थाना क्षेत्र में स्थित साइंस सिटी के पास, जूस कारोबारी मुकेश और उनके सहयोगी रोहन को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

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इस घटना के बाद, एसएसपी किशोर कौशल के निर्देशन में एसआईटी टीम का गठन किया गया था और टीम ने घटना के मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को बिहार के औरंगाबाद से गिरफ्तार किया है।

इन गिरफ्तार आरोपियों में रांची जूस सेंटर के संचालक अशोक कुमार गुप्ता, धर्मेंद्र कुमार गुप्ता, और घटना में उपयोग किए गए बाइक को छिपाने वाला विजय उरांव शामिल हैं।

इन गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक देसी पिस्टल, 14 जिंदा कारतूस, और कई सामान बरामद हुआ है। रांची पुलिस की जांच में यह प्रकट हुआ कि रांची जूस सेंटर के मालिक धर्मेंद्र और अशोक ने मुकेश कुमार के जूस के व्यापार से परेशान होकर उनकी हत्या करवा दी।

मुकेश साव ने मोरहाबादी में तीन जूस सेंटर खोले थे और वह चौथे जूस सेंटर को खोलने की योजना बना रहे थे, जिससे आरोपी जूस सेंटर के मालिक को आपत्ति थी। इसके बाद, उनके बीच विवाद हुआ और आरोपी जूस सेंटर के मालिक ने मुकेश और उनके सहयोगी की हत्या करवा दी।

सीसीटीवी फुटेज की जांच से प्रकट हुआ कि मुकेश और रोहन के साथ दोनों अपराधी पहले बातचीत की और फिर उन्होंने दोनों को गोली मार दी।

झारखंड के चतरा जिले के रहने वाले भाई, दिनेश साव और मुकेश साव, 20 साल से राजधानी के मोरहाबादी मैदान में जूस काउंटर चला रहे थे। मोरहाबादी मैदान में दिनेश और मुकेश के तीन काउंटर थे, जिन्हें “मुंबई जूस एंड शेक” के नाम से जाना जाता था।

हालांकि गैंगस्टर कालू लामा की हत्या के बाद, मोरहाबादी मैदान से दुकानों को हटाने का निर्णय लिया गया था, इस प्रक्रिया के दौरान अशोक और धर्मेंद्र की दुकानों को भी हटा दिया गया था। दिनेश और मुकेश ने नगर निगम से अपनी दुकानों की पंजीकरण करवाया और उन्होंने अपनी जूस की दुकानों को स्थायी बना लिया।

हालांकि, अशोक और धर्मेंद्र की दुकान मोरहाबादी मैदान में नहीं लग पाई, और इसके कारण अशोक को लगा कि मुकेश और दिनेश की वजह से उसका व्यापार अधिक नुकसान हो रहा है। इसके परिणामस्वरूप, उन्होंने दोनों भाइयों के साथ दुश्मनी बढ़ा ली थी।

हाल के दिनों में, दिनेश और मुकेश ने एक नई जूस काउंटर खोल लिया था, जिसके लिए अशोक और धर्मेंद्र उन्हें धमकियां दे रहे थे।

इस मामले में, दिनेश और मुकेश के भाई ने बताया कि वे ने एक जुलाई को लालपुर थाना में इस दिशा में शिकायत की थी, जिसमें उन्होंने उनको मिल रही धमकियों और जान के खतरे की सूचना पुलिस को दी थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। इस मामले में, लालपुर के तत्कालीन थाना प्रभारी और मोरहाबादी टीओपी प्रभारी को सस्पेंड कर दिया गया था।

 

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