Bokaro : राजकीय मध्य विद्यालय सेक्टर 2/c के बच्चे छाता लगाकर पढ़ने को मजबूर हैं!
ऐसा इसलिए है कि भवन जर्जर है स्कूल सिर्फ चुता ही नहीं है वर्षा होने पर धारदार होकर पानी क्लास मे गिरता है!
स्कूल के प्राचार्य का यह कहना है कि सभी शिक्षिका और हमारे 404 बच्चे बहुत कष्ट मे रहकर पढ़ते हैं
और बच्चे पढ़ते हैं! ऐसा इसलिए की स्कूल भवन जर्जर हो चुका है! जोरदार बारिश होने पर हमारे बच्चे क्लास मे झाड़ू
लगाते हैं छाता लेकर पढ़ने बैठते हैं! आठवीं कक्षा के छात्रा चंदा कुमारी ने बताया कि हम लोग बहुत कष्ट में रहकर पढ़ाई
करने को मजबूर है, भय बना रहता है कि कब भवन गिर जाए बारिश होने पर हमे बहुत दिक्कत होती है!
स्कूल मे बच्चे छाता लगाकर पढ़ने को मजबूर

वहीं की रसोइया मालती देवी ने सरकार से गुहार लगाते हुए कहा कि मुझ पर व हमारे 404 बच्चों पर ध्यान दिया जाए
भवन बनवाया जाय या कही स्कूल को दूसरे जगह स्थापित किया जाए! DO शिक्षा अधिकारी जगन्नाथ लोहार को इसकी
जानकारी दी गई तो उन्होंने कहा कि मै तुरंत इंजीनियर भेजता हूं और इसकी जानकारी लेता हूं उन्हें निर्देशित कर दिया
जाएगा! और जिले मे जो भी जर्जर स्कूल है संभवत उसे जिला प्रशासन को सूचना देने की बात कही अनुसंधान की जाएगी!
स्कूल मे बच्चे छाता लगाकर पढ़ने को मजबूर

आपको बता दे! एक ऐसा स्कूल जहां छाता लगाकर बच्चे पढ़ने को है मजबूर! भय के साए में पढ़ाई करते हैं बच्चे! कहीं ऐसा तो नही की बात राज्य सरकार और BSL के असमंजस मै फंसा हुआ है क्योंकि यह भवन बोकारो स्टील प्लांट का है! भवन जर्जर है कभी भी कोई बड़ी हादसा हो सकती है 404 स्कूल के बच्चों का जिम्मेदार कौन होगा राज्य सरकार या बीएसएल के प्रबंधक!
Report : Chuman Kumar/ Bokaro


















