धनबादः कुड़मी जाति को जनजातीय समुदाय आदिवासी का दर्जा देने की मांग को लेकर आदिवासी कुड़मी समाज एवं वृहद झारखंड आदिवासी कुड़मी मंच के द्वारा लाखों लोगों का जुटान 20 सितंबर को गोमो में होगा. जहां रेल रोको आन्दोलन किया जाएगा.
कुड़मी नेता मंटु महतो ने बताया कि अंग्रेजों के समय में ही आदिवासी का दर्जा प्राप्त था. लेकिन 1950 में साजिशन कुड़मी को आदिवासी सूची से बाहर कर दिया गया और आज तक आंदोलन जारी है. एक बार फिर से वृहद आंदोलन शुरू किया जा रहा है.
वहीं आदिवासी नेता सालखन मुर्मू के द्वारा कर्मी को आदिवासी का दर्जा दिए जाने की मांग का विरोध किए जाने को लेकर मंटू महतो ने कहा कि सलाखन मुर्मू खुद क्रिश्चियन है. वह आदिवासी वाली सुविधा का इस्तेमाल गैर कानूनी तरीके से कर रहे हैं. उन्हें पहले आदिवासी होने के नाते मिलने वाले फायदे को छोड़ना चाहिए.
रिपोर्टः राजकुमार जायसवाल







