धनबादः कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है, मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है. तो कभी पुरानी दोस्ती को तुम नई दौलत की तराजू से मत तौलो…जैसे अपने कविताओं से डॉ कुमार विश्वास ने जिले में हिंदी साहित्य विकास परिषद के 44वे स्थापना दिवस सह दिनकर जयंती के मौके पर गोल्फ ग्राउंड के मंच पर रंग जमा दिया.
उन्होंने बताया पिछली बार दुर्गापुर से आया था. इस बार रांची से आ रहा हूं. सड़कों पर इतने खड्डे है कि परमाणु ऊर्जा में खर्च करने की जरूरत ही नहीं. कुमार विश्वास ने झारखंड में राजनीति कभी इस पाले तो कभी उस पाले कहकर चुटकी ली. उन्होंने बताया कि पिछली बार 1992 में स्व. दिलीप चंचल के बुलावे पर धनबाद आया था.
जिंदगी से कोई ज्यादा कुछ महत्वपूर्ण नहीं
कुमार विश्वास ने छात्रों को मोटिवेट करते हुए कहा कि मैं बतौर इंजीनियर असफल रहा हूं. मेरे पिताजी जो एक प्रोफेसर थे 117 रुपए के फॉर्म भरकर आईआईटी का एग्जाम दिलवाया था और आज मैं 117 करोड़ रुपए वसूल रहा हूं. उन्होंने युवाओं को बताया कि चेहरा, नौकरी, जवानी से सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण जिंदगी है.
मंच से कनाडा के पीएम को लताड़ा
कुमार विश्वास ने कनाडा के पीएम को लताड़ाते हुए कहा काश भारत इतना मजबूत होता की भारत अपने दुश्मनों को वह चाहे वह विश्व के 285 देशों में कहीं छिप जाए उसे ढूंढ कर मारता. कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने जून महीने में हुई कनाडा के खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को भारत सरकार के एजेंटों से जोड़ने वाला सनसनीखेज आरोप लगाया था.
फल समय से डाली नहीं छोड़े तो सड़ जाते हैं
कुमार विश्वास ने अपने जवानी के दिनों को याद करते हुए कहा कि पहले जब मैं ट्रेन में सफर करता था, तो किसी जोड़ों को देखकर सोचता था कि मैं भी अपनी पत्नी के साथ बहुत सुंदर दिखूंगा. अब उम्र 50 से ज्यादा हो गई तो अब सोचता हूं कि मेरी बेटी अपने दूल्हे के साथ बहुत सुंदर दिखेगी. समय के साथ अपने दृष्टिकोण में जरूर परिवर्तन करना चाहिए.
जीएसटी पर ली चुटकी
कुमार विश्वास ने जीएसटी पर चुटकी लेते हुए कहा कि अभी प्लेन में रामदेव जी से मुलाकात हुई. उन्होंने बड़े दुख से कहा कि गोमूत्र पर भी जीएसटी लगा दिया है. तो मैं भी दुखी होते कहा कि हमारे कविताओं पर भी जीएसटी लग गई है.
रिपोर्टः राजकुमार जायसवाल
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