रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पत्र लिखकर सरना धर्मकोड पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। पत्र के माध्यम से उन्हों ने यह भी कहा है कि झारखंड विधानसभा ने इस संबंध में एक प्रस्ताव पास किया है।
जिस पर केंद्र को अभी तक निर्णय लेना बाकी है। इस निर्णय के माध्यम से, भारत के साथ ही पूरे विश्व में प्रकृति प्रेम का संदेश फैल सकता है।
सीएम ने अपने पत्र में यह भी बताया कि आदिवासी समाज के लोग प्राचीन परंपराओं और प्रकृति के उपासक हैं, और वे पेड़ों, पहाड़ों, और जंगलों के संरक्षण को अपने धर्म का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं।
जनगणना के अनुसार, भारत में लगभग 12 करोड़ आदिवासी निवास करते हैं, और झारखंड भी एक आदिवासी बाहुल्य राज्य है, जहां इनकी संख्या एक करोड़ से भी अधिक है। झारखंड में भी बड़ी संख्या में लोग सरना धर्म का पालन करते हैं।


















