Bhargav Singh Murder Case: राजधानी के चर्चित भार्गव सिंह मर्डर केस के मुख्य आरोपी विजय टेटे को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। एडिशनल ज्यूडिशियल कमिश्नर पवन कुमार की कोर्ट ने उसकी ज़मानत अर्ज़ी खारिज कर दी। केस की गंभीरता और जांच के दौरान मिले सबूतों को देखते हुए कोर्ट ने आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया। पूरे राज्य में चर्चा का विषय बने इस केस की जड़ में ज़मीन का विवाद और पैसों का लेन-देन है।
मंदिर में पूजा करते समय बिज़नेसमैन की हत्या
21 अप्रैल, 2026 को रियल एस्टेट कंपनी ‘सिंह इन्फ्राकॉम प्राइवेट लिमिटेड’ (गोल्डन सिटी) के CEO भार्गव सिंह सुखदेव नगर स्थित मनोकामना मंदिर में पूजा करने गए थे। वहां अज्ञात हमलावरों ने उन पर गोली चला दी। गंभीर रूप से घायल भार्गव सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के केंद्र में ₹70 लाख के लेन-देन का विवाद
पुलिस जांच के मुताबिक, गांधी नगर (कांके) के रहने वाले विजय टेटे पर आरोप है कि उसने रिंग रोड के पास ज़मीन दिलाने के बहाने भार्गव सिंह और उनके परिवार से करीब ₹70 लाख लिए थे। जांच में पता चला कि न तो ज़मीन दी गई और न ही पैसे लौटाए गए। इससे दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया, जिसे पुलिस इस केस की मुख्य वजह मानती है।
पुलिस का दावा: पहले से रची गई साज़िश
जांच एजेंसियों का कहना है कि पैसों के विवाद के बाद हत्या की साज़िश रची गई थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पेशेवर अपराधियों की मदद से इस वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई थी। जांच में यह भी पता चला कि घटना के बाद शक से बचने के लिए विजय टेटे अपनी पत्नी के साथ शहर से बाहर चला गया था। हालांकि, पुलिस तकनीकी सबूतों और जांच से मिली अन्य जानकारियों के आधार पर उसकी गतिविधियों पर नज़र रखे हुए थी।
मोबाइल लोकेशन और तकनीकी सबूतों के आधार पर गिरफ्तारी
पुलिस ने मोबाइल लोकेशन डेटा, कॉल डिटेल्स और अन्य डिजिटल सबूतों का विश्लेषण किया, जिससे विजय टेटे की भूमिका पर शक गहरा गया। इसके बाद उसे बूटी मोड़ इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि इस केस में अहम सबूत जुटा लिए गए हैं और जांच जारी है।
कोर्ट ने ज़मानत अर्ज़ी खारिज की
मुख्य आरोपी की ज़मानत अर्ज़ी पर सुनवाई के बाद, एडिशनल ज्यूडिशियल कमिश्नर पवन कुमार की अदालत ने अर्ज़ी खारिज कर दी। उपलब्ध सबूतों और मामले की गंभीरता को देखते हुए, अदालत ने आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया। विजय टेटे अब न्यायिक हिरासत में रहेंगे। वहीं, पुलिस और अभियोजन पक्ष ने कहा है कि मामले में उपलब्ध सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
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