CM नीतीश ने आनंद मोहन के दादा व चाचा की मूर्ति का किया अनावरण

सहरसा : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह आज यानी थोड़ी देर पहले पूर्व बाहुबली सांसद आनंद मोहन के सहरसा जिला के पंचगछिया गांव पहुंचे। सीएम नीतीश ने पंचगछिया में आनंद मोहन के दादा स्वतंत्रता सेनानी राम बहादुर सिंह एवं चाचा पद्मानंद सिंह ब्रह्मचारी की मूर्ति का अनावरण किया। आनंद मोहन के साथ उनकी पत्नी व पूर्व सांसद लवली आनंद, बेटे चेतन आनंद और अंशुमान मोहन भी मौजूद थे।

बता दें कि नीतीश कुमार ने आनंद मोहन द्वारा आयोजित रैली को संबोधित किया और आनंद मोहन के साथ अपनी पूरानी दोस्ती को याद कर तारीफ में जमकर कसीदे भी पढ़े। पिछले कुछ दिनों से आनंद मोहन और नीतीश कुमार की करीबी देखी जा रही है। जबकी आनंद मोहन का लालू यादव विरोध कर चुके हैं। रैली में उपस्थित भीड़ से नीतीश गदगद नजर आए।

उन्होंने बताया यहां आने के बाद पता चला कि 1901 में जन्म लिए स्वर्गीय राम बहादुर सिंह देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले व्यक्ति थे। 1949 ईस्वी के आसपास उनका निधन हुआ और उनके बड़े पुत्र पद्मानन्द सिंह उर्फ ब्रह्मचारी जी भी अपने पिताजी के साथ देश की आजादी में भाग लिए। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बताया कि अभी ललन सिंह ने बताया कि सत्ता में बैठे लोग देश की आजादी के इतिहास को मिटाना चाहते हैं।

उन्होंने बताया कि वर्ष 1934 में जब भूकंप आया था तो भायनक आपदा जैसी हालत थी और उस समय स्वतंत्रता सेनानी राम बहादुर सिंह की धर्मपत्नी कुंती देवी ने चार किलो सोना चांदी महात्मा गांधी के झोला में सहयोग हेतु दे दिया था। सबसे बड़ी बात की उस समय गांधी जी के साथ रामबहादुर बाबु लोगों को नशा नही करने की खिलाफ मुहिम चला कर लोगों को जागरूक करने का प्रयास करते थे। एक परिवार से आधे दर्जन से अधिक लोग जेल की सलाखों में देश की आजादी के लिए कुर्बानी दिए यह अपने आप में बहुत बड़ी कुर्बानी थी।

बातों-बातों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्व सांसद आंनद मोहन से कहा कि जहां राजनीति करना हैं आप राजनीति करें लेकिन यह रिश्ता तो पुराना है। कल भी आपके मां से आशीर्वाद लेते थे और आज फिर आपके घर जाकर मां से आशीर्वाद लेगें। उन्होंने बताया कि जो कुछ बातें है उनको पटना आकर रखिये 17 वर्षों से सेवा कर रहा हूं जो बातें होगी उसपर भी काम होगा। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में कई मंत्री, विधायक, सांसद एवं फ्रेंड्स ऑफ आनंद के कार्यकर्ता और जदयू के हजारों कार्यकर्ता मौजूद थे।

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने जनसभा को संबोधित किया और बताया कि एक परिवार से दो स्वतंत्रता बिरले ही सुनने को मिलता है। देश की सत्ता में बैठे कुछ लोग देश की आजादी के इतिहास को मिटाना चाहते हैं।

जन सभाओं को संबोधन करने से पहले पूर्व सांसद आनंद मोहन ने मंच से नीतीश कुमार और ललन सिंह के जिन्दावाद का नारा लगाया। उन्होंने मंच से अपने संबोधन करते हुए बताया कि आज 16 वर्षों के बाद अगर मैं आप लोगों के बीच खड़ा हूं तो इसमें सबसे बड़ा योगदान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का है जिन्होंने नियमों में संशोधन करके मुझे बाहर लाया है इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करता हूं।

उन्होंने बताया कि देश में तीन गांधी थे जिसमें पहले गांधी थे महात्मा गांधी, दूसरे गांधी खान अब्दुल गफार खान थे जिनको सीमांत गांधी कहा जाता है और देश की आजादी में कोसी के गांधी के रूप में मेरे दादा रामबहादुर सिंह थे। उन्होंने बताया कि मुझे दुःख है कि इस प्रतिमा के अनावरण में देश की आजादी के बाद 77 वर्ष लग गया। वहीं बातों बातों में उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पंचगछिया को अनुमंडल बनाने की मांग कर बैठे और बताया कि यह प्रस्ताव आपके पास है।

मंच पर जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद आनंद मोहन के छोटे पुत्र अंशुमान मोहन ने बताया कि आज जब 16 वर्षों के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मेरे पिताजी एक मंच पर है तो कुछ लोगों में बौखलाहट हो गया है। वहीं पूर्व सांसद लभली आनंद ने अपनी बातों को रखते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आभार की जिन्होंने समय देकर स्वतंत्रता सेनानी के मूर्ति अनावरण में समय दिया।

राजीव झा की रिपोर्ट

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