रांची:केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि देश के विभिन्न हिस्सों में रह रहे अवैध प्रवासियों संबंधी आंकड़ा जुटना संभव नहीं है, क्योंकि ऐसे लोग देश में चोरी-छिपे प्रवेश करते हैं.
शीर्ष अदालत असम में अवैध प्रवासियों से संबंधित नागरिकता अधिनियम की धारा 6-ए की संवैधानिक वैधता की समीक्षा कर रही है. कोर्ट में दाखिल किये गये हलफनामे में केंद्र ने कहा कि इस प्रावधान के तहत 17861 लोगों को नागरिकता प्रदान की गयी है.
न्यायालय के द्वारा पूछे गये सवाल के जवाब देते हुए केंद्र ने कहा कि अवैध प्रवासी बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के गुप्त तरीके से प्रवेश कर लेते हैं.
अवैध रूप से रह रहे ऐसे विदेशी नागरिकों का पता लगाना, हिरासत में लेना व निर्वासित करना जटिल प्रक्रिया है. अपने जवाब में केंद्र ने आगे कहा कि 1966-1971 की अवधि के संदर्भ में 32381 ऐसे लोगों को पता लगया गया जाे विदेशी थे. सुप्रीम कोर्ट ने असम में अवैध प्रवासियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने से जुड़ी नागरिकता अधिनियम की धारा 6ए की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना आदेश मंगलवार को सुरक्षित रख लिया.

















