रांची: वैश्विक स्तर पर हृदय रोग मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है. हर साल हृदय की बीमारियों के कारण लागों की मौत हो जाती है।
इस बीच, एक अध्ययन में दावा किया गया है कि एशिया, यूरोप व अफ्रीका के देशों में हृदय संबंधी बीमारियों के कारण मौत का खतरा सबसे अधिक है। इसकी वजह उच्च रक्तचाप, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, आहार संबंधी जोखिम, वायु प्रदूषण व मानसिक तनाव है।
21 क्षेत्रों के आंकड़ों का अध्ययन करने के बाद यह बात सामने आया है कि वैश्विक स्तर पर मौत के मामले 1990 में एक करोड़ 24 लाख से बढ़ कर 2022 में एक करोड़ 98 लाख हो गये,जो इस प्रकार की बीमारियों की उच्च दर को दर्शाता है।
अध्ययन के मुताबिक, यह संख्या वैश्विक जनसंख्या वृद्धि, उम्र बढ़ने व रोके जा सकने वाले चयापचय (उपापचय), पर्यावरण व व्यवहार संबंधी जोखिमों के योगदान को भी दर्शाती हैं।
इन शोधकर्ताओं में ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ’ और अमेरिका स्थित वाशिंगटन विश्वविद्यालय के ‘इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन’ के सदस्य शामिल थे. वहीं, एक अन्य अध्ययन के मुताबिक साल 2022 में भारत में हार्ट अटैक के कारण होने वाली मौतों के आंकड़ों में 12 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गयी है।


















