Bihar Flood Munger Bhagalpur: बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री सह ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को मुंगेर और भागलपुर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद दोनों नेताओं ने राहत शिविरों का निरीक्षण किया और वहां रह रहे बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुंगेर में नवागढ़ी और शीतलपुर स्थित इंटर स्तरीय उच्च विद्यालय परिसर में संचालित राहत व्यवस्था का जायजा लिया गया। इसके अलावा सीताकुंड परिसर में चल रही व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया गया।
राहत शिविरों में स्वास्थ्य से लेकर सामुदायिक रसोई तक की व्यवस्था
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में बनाए गए निबंधन काउंटर, सामग्री वितरण केंद्र और अस्थायी बाढ़ राहत स्वास्थ्य शिविर का जायजा लिया। इसके साथ ही आईसीडीएस केंद्र, बाढ़ राहत पशु चिकित्सा शिविर, सामुदायिक रसोई और अस्थायी आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्थाएं भी देखीं। मुंगेर के जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पनिकर और भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री को राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी। अधिकारियों ने प्रभावित आबादी, स्वास्थ्य सेवाओं, राहत एवं बचाव दलों, गोताखोरों और आपदा मित्रों की तैनाती समेत अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी। इसके बाद भागलपुर पॉलिटेक्निक कॉलेज में संचालित बाढ़ राहत शिविर का भी निरीक्षण किया गया। मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने शिविर में मौजूद लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने छोटे बच्चों से भी मुलाकात की।

बाढ़ प्रभावित परिवारों को डिग्निटी किट का वितरण
भागलपुर के राहत शिविर में मुख्यमंत्री ने जरूरतमंद बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच डिग्निटी किट का वितरण किया। उन्होंने अस्थायी आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों और राहत शिविर में रह रहे परिवारों से बातचीत कर भोजन, स्वास्थ्य, सामग्री और दूसरी सुविधाओं की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि शिविर में स्वास्थ्य सुविधा, कम्युनिटी किचन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार हरसंभव मदद कर रही है। उन्होंने प्रभावित परिवारों से अपनी समस्याएं स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिलाधिकारी के समक्ष रखने की अपील की और कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार की ओर से अब तक 8.5 लाख से अधिक बाढ़ प्रभावित परिवारों को अनुग्रह राशि उपलब्ध कराई गई है।


83 किलोमीटर सड़क को लेकर मुख्यमंत्री ने बताई योजना
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने मुंगेर और भागलपुर के बीच प्रस्तावित 83 किलोमीटर एलिवेटेड रोड के स्थान पर एट-ग्रेड सड़क बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह सड़क प्रोटेक्शन वॉल के रूप में भी काम करेगी और इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा में मदद मिलेगी। यह प्रस्ताव बाढ़ प्रभावित इलाकों में सड़क और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा है। मुख्यमंत्री ने इसे क्षेत्र की बाढ़ से सुरक्षा में मददगार व्यवस्था के तौर पर बताया।

केंद्र और राज्य मिलकर कर रहे नुकसान का आकलन
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बिहार सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने और स्थिति को सामान्य करने के लिए राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 10-12 दिनों से प्रभावित लोगों के लिए भोजन, दवा, कपड़े और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार भी बिहार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी। बाढ़ से फसलों, पशुओं और अन्य क्षेत्रों में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। इसके लिए कृषि विभाग और ग्रामीण विकास विभाग की केंद्रीय टीमें बिहार पहुंच चुकी हैं। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, क्षति का आकलन करने के बाद प्रभावित लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और केंद्र सरकार की ओर से जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।




















