हजारीबाग: जहां एक तरफ झारखन्ड सरकार समाज के हर जरूरतमंदों तक सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से हर पंचायत में सरकार आपके द्वार कार्यक्रम चला रही है, वहीं दूसरी ओर दारू प्रखंड के जमुआ गांव निवासी सहदेव राम (65) पिता स्व.दहन भुइयां घर के अभाव में पिछ्ले 5 वर्षों से शौचालय में रहने को विवश है।
सहदेव राम मजदूरी कर अपना तथा अपने परिवार का भरण पोषण करता है। उसने बताया कि 6 वर्ष पहले बरसात में हमारा दो कमरों वाला मिट्टी का जर्जर मकान ध्वस्त हो गया।
जिसके बाद हमलोग पूरी तरह से बेघर हो गए। घर के अभाव में पत्नी रुकनी देवी और दो बेटे इचाक थाना क्षेत्र के सुदुरवर्ती डाढा गांव स्थित मेरे ससुराल में रहते हैं।
अपनी समस्या को लेकर मैने तत्कालीन मुखिया और वर्तमान मुखिया से कई बार गुहार लगाया। प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी आवेदन दिया।
लेकिन किसी ने मेरी समस्या पर गंभीरता नहीं दिखाई। थक हारकर हमने स्वक्छ भारत मिशन के तहत मिले शौचालय के कमरे को थोड़ा बड़ा कर खुद के रहने के लायक एक 5×3 फीट का एक कमरा बना लिया और पिछ्ले पांच वर्षो से अकेला इसी कमरे में रहता हूं।
कमरे के बाहर ईंट का अस्थाई चूल्हा बनाकर भोजन बनाता हूं। कमरे में जमीन पर सोता हूं और शौच के लिए बाहर जाता हूं। कमरे के ऊपर लगा एस्बेस्टस शीट अब जहां तहां टूट गया है। जिससे बारिश का पानी कमरे में घुस जाता है। जिससे बरसात में काफी परेशानी होती है।
ऐसे में रातभर खड़े रहकर गुजारा करना पड़ता है। सांप बिच्छू का डर भी हमेशा बना रहता है। बारिश में खाना बनाने में दिक्कत होती है तो पड़ोसी के घर मांग कर खा लेता हूं।
वही सहदेव राम ने यह भी बताया कि सरकार के द्वारा दिया जाने वाला राशन भी उन्हें नहीं मिलता है क्योंकि उनका अभी तक राशन कार्ड भी नहीं बनाया गया है इसके लिए भी उन्होंने ब्लॉक में जाकर आवेदन दिया था।
परंतु अभी तक उनका राशन कार्ड निर्गत नहीं हो पाया है वहीं स्थानीय लोगों की माने तो सहदेव राम 6 साल से इसी स्थिति में रह रहे हैं तथा इसकी पत्नी और बच्चे भी इसे छोड़कर मायके चले गए हैं जहां तहां मजदूरी करता है तो खाता है कई बार ब्लॉक और सरकारी दफ्तरों का चक्कर लगा चुका है परंतु इसे कोई भी सरकारी सुविधा नहीं मिल पाया है यहां वहां मजदूरी करता है तो जो मिलता है वह खाता है और इसी बाथरूम में रहकर अपना जीवन चल रहा है
सहदेव राम का घर दारू प्रखंड के जमुआ गांव में पड़ता है और राज्य के मुख्यमंत्री 18 दिसंबर को जमुआ गांव से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इचाक प्रखंड में आपकी योजना आपकी सरकार कार्यक्रम में शामिल होने पहुंच रहे हैं ऐसे में आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वारा कार्यक्रम को तभी सही माना जाएगा जब ऐसे लोगों के द्वारा तक सरकार पहुंच पाए और इन जरूरतमंदों को इनका अधिकार इन्हें मिल पाए अब देखना यह होगा कि इन्हें कब तक सरकारी सुविधा मिल पाती हैं

















