Gumla: सिसई प्रखंड क्षेत्र के नागफेनी गांव के ग्रामीणों ने बताया कि नागफेनी गांव में शंकरी देवी पति स्वर्गीय लोकनाथ सिंह के द्वारा एक प्रधानमंत्री आवास योजना ली गई थी।आवास का निर्माण खाता नंबर 85 प्लॉट नंबर 1401 तथा रकबा 31 डिसमिल में कराया जा रहा था। लेकिन आवास को लिंटन तक जोड़ाई करके अर्ध निर्मित हालत में ही आवास को पूर्ण दिखाते हुए पूरा पैसा आवास के विभिन्न कर्मियों की मिली भगत से निकासी कर ली गई।
सरकारी पैसे का गबन और दुरुपयोग का मामला आया सामने
इसके बाद जिस जमीन में आवास था उस जमीन को उसके बेटे पवन सिंह ने बेच दिया और अधूरे आवास को जेसीबी से तुड़वा दिया। ताकि सच सामने ना आ सके।ऐसे में ये पूरी तरह से सरकारी पैसे का गबन और दुरुपयोग का मामला सामने आ रहा है।ग्रामीणों ने बताया कि गुमला जैसे अति पिछड़े एवं आदिवासी बाहुल जिले में जहां ग्रामीण क्षेत्रों में 70% से ज्यादा लोगों का कच्चा मकान है।ऐसे में जब सरकार गरीबों के लिए पक्का मकान बनाने के लिए राशि देती है तब इस राशि का निकासी कर दुरुपयोग करना कहां तक उचित है।अगर लाभुक जरूरतमंद थी तो फिर आवास को पूर्ण दिखाते हुए पूरे पैसा निकासी कर लिंटिल में ही क्यों तोड़ दिया गया।
प्रधानमंत्री आवास समन्वयक को नहीं है मामले की जानकारी
जब इस बारे में जानकारी लेने के लिए सिसई प्रखंड के प्रधानमंत्री आवास समन्वयक से आयता मिंज से संपर्क किया गया,तो काफी प्रयास के बाद उनसे संपर्क हुआ।इसके बाद उन्होंने कोई सीधा जवाब नहीं देते हुए उल्टा लाभुक का बचाव करते हुए कहा कि सरकारी आवास बनाने के बाद लाभुक की निजी संपत्ति हो जाती है उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि आवास को तोड़ा अथवा बेचा जा सकता है या नहीं।
ग्रामीणों ने बताया कि नागफेनी गांव में प्रधानमंत्री आवास और अबुआ आवास का निर्माण में भारी अनियमित हुई है
ग्रामीणों ने बताया कि नागफेनी गांव में प्रधानमंत्री आवास और अबुआ आवास का निर्माण में भारी अनियमित हुई है जो आवास के कर्मियों की मिली भगत से हो रही है।अगर गहराई से जांच की जाए तो नागफेनी में कई ऐसे प्रधानमंत्री और अबूआ आवास है जिनका निर्माण कभी नहीं हुआ लेकिन आवास के विभिन्न कर्मियों की मिली भगत से फर्जी तरीके से पैसे के निकासी कर ली गई है।अगर गहराई से जांच की जाए तो कई लोगों पर कार्रवाई हो सकती है।
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