दिल्ली. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को मरणोपरांत भारत रत्न दिया जाएगा। इसकी घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी जन्म-शताब्दी के अवसर पर यह निर्णय देशवासियों को गौरवान्वित करने वाला है। यह भारत रत्न न केवल उनके अतुलनीय योगदान का विनम्र सम्मान है, बल्कि इससे समाज में समरसता को और बढ़ावा मिलेगा।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “मुझे इस बात की बहुत प्रसन्नता हो रही है कि भारत सरकार ने समाजिक न्याय के पुरोधा महान जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को भारत रत्न से सम्मानित करने का निर्णय लिया है। उनकी जन्म-शताब्दी के अवसर पर यह निर्णय देशवासियों को गौरवान्वित करने वाला है। पिछड़ों और वंचितों के उत्थान के लिए कर्पूरी जी की अटूट प्रतिबद्धता और दूरदर्शी नेतृत्व ने भारत के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य पर अमिट छाप छोड़ी है। यह भारत रत्न न केवल उनके अतुलनीय योगदान का विनम्र सम्मान है, बल्कि इससे समाज में समरसता को और बढ़ावा मिलेगा।”
बता दें कि भारत रत्न देश का सर्वच्च सम्मान है। सबसे पहली बार यह सम्मान 1954 में भारत के तीन महान शख्सियत सर्वपली राधाकृष्णन, सीवी रमण और सी. राजगोपालाचारी को दिया गया था। साल 2015 में देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और मदन मोहन मालवीय को संयुक्त रूप से दिया गया था।
आख़िरी बार ये सम्मान साल 2019 में दिया गया था। 2019 में समाज सेवा के क्षेत्र में नानाजी देशमुख (मरणोपरांत), कला क्षेत्र में डॉक्टर भूपेन हजारिका (मरणोपरांत) और लोक-कार्य के लिए भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
