क्या रांची से कांग्रेस प्रत्याशी होंगे बन्ना गुप्ता? रैली की तैयारी के बहाने कल्पना सोरेन संग सीटों को लेकर कांग्रेस की गुफ्तगू

रांची. झारखंड में लोकसभा की सीटों को लेकर गठबंधन का पेंच अभी तक सुलझ नहीं पा रहा है। संभावित प्रत्याशी और पाटी के कार्यकर्ता नामों की घोषणा का इंतजार कर रहे है, पर दिन पर दिन बीतने के बावजूद कांग्रेस और जेएमएम सीटों का पेंच सुलझा नहीं पा रही है। यहीं कारण की रैली की तैयारी के नाम पर कांग्रेस के प्रभारी जीए मीर और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर को कल्पना सोरेन के घर जाकर मंथन करना पड़ा रहा है। राजधानी रांची में रविवार को भी यहीं देखने को मिला जब कल्पना सोरेन के आवास पर सीटों को लेकर चर्चा हुई।

आलम ये है कि जिस पं सिहंभूम यानी चाईबासा सीट कांग्रेस के खाते में थी। वहां भी गीता कोड़ा के बीजेपी में जाने के बाद जेएमएम कह रही है कि कांग्रेस के पास प्रत्याशी नहीं है। इसलिए वो सीट जेएमएम को दे दी जाए, लेकिन झारखंड में शुरूआती दौर में जिन 4 सीटों पर चुनाव होना है, उनमें से एक होने के बाद भी अभी तक महागठबंधन प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं कर पा रहा है।

धनबाद सीट पर भी पेंच

कुछ ऐसे ही हाल से कांग्रेस धनबाद सीट को लेकर भी दो चार हो रही है, जहां बीजेपी के ढुल्लु महतो से मुकाबले के लिए कांग्रेस प्रत्याशी का नाम तय नहीं कर पा रही है। कांग्रेस ने पहले अपनी ही पार्टी के विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह को आगे करने का प्रयास किया था, लेकिन उनके इंकार के बाद से अभी तक प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं कर पा रही है, उस पर से पिछला ट्रैक रिकार्ड यानी 2019 में पैराशूट प्रत्याशी के तौर पर कांग्रेस का टिकट र्कीति आजाद को दिया जाना और बड़े अंतर से सीट हार जाना परेशानी का सबब बना हुआ है।

उसी तरह गोड्डा सीट पर भी कांग्रेस धर्मसंकट में फंसी नजर आ रही है। कांग्रेस में आ चुके प्रदीप यादव के साथ-साथ महगामा विधायक दीपिका पांडेय सिंह भी दावेदार हैं। वहीं दूसरी तरफ जामताड़ा विधायक इरफान अंसारी अपने पिता फुरकान अंसारी के लिए सीट पर अड़े हुये हैं। इतना ही नहीं फुरकान अंसारी भी इसे अपना अंतिम चुनाव बताते अल्पसंख्यक वोटों की दुहाई देते हुए दो बार दिल्ली दरबार की दौड़ लगा चुके हैं।

क्या रांची से कांग्रेस प्रत्याशी होंगे बन्ना गुप्ता?

कुछ ऐसा ही पेंच जमशेदपुर और रांची सीट पर भी देखने को मिल रहा है, जहां प्रत्याशियों को लेकर पेंच फंसा हुआ है। जमशेदपुर में जहां पूर्व सांसद रह चुके डॉ. अजय कुमार दावेदार हैं। वहीं दूसरी तरफ रांची में दो बार सीट हार चुके सुबोधकांत सहाय और बीजेपी से 5 बार सांसद रह चुके रामटहल चौधरी जो अब कांग्रेस में आ चके है, उनके नामों को नकारती हुई कांग्रेस तीसरे प्रत्याशी की तलाश कर रही हैं और स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को संभावित प्रत्याशी के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसे में अब वक्त काफी कम बचा है और देखनेवाली बात होगी की कांग्रेस और जेएमएम अब कितनी जल्दी सीटों के पेंच को सुलझााते हैं।

Written BY उदय शंकर (पॉलिटिकल एडिटर, 22स्कोप न्यूज)

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