गजब का चक्रव्यू्ह रचा जा रहा है लोहरदगा और गिरिडीह में……

रांचीः शायद चाणक्य भी फेल हो जाएं 2024 लोकसभा चुनाव में पक्ष-विपक्ष और निर्दलीय प्रत्याशियों की रणनीति समझने में। झारखंड की 2 लोकसभा सीट लोहरदगा और गिरिडीह की भी स्थिति का कामोवेश यही हाल है। जहां चमरा लिंडा लोहरदगा में कांग्रेस और बीजेपी के समीकरण को बिगाड़ने में लगे हैं।

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वहीं गिरिडीह में जयराम महतो चंद्रप्रकाश चौधरी और मथुरा महतो के जीत के सपने को चकनाचूर कर सकते हैं। इसको लेकर चमरा लिंडा और जयराम महतो लगातार रणनीतियां बना रहे हैं। चमरा लिंडा अभी भी जेएमएम में है लेकिन कितने दिनों तक रहेगें इस सवाल का जवाब अभी किसी के पास नहीं है।

इंडिया गठबंधन के लिए चमरा लिंडा चुनौती

अगर चमरा लिंडा नाराज होकर लोहरदगा सीट से चुनाव लड़ते हैं तो वह सबसे बड़ी चुनौती जेएमएम-कांग्रेस के गठबंधन इंडिया के सामने ही प्रस्तुत करेगें। जेएमएम इस बात को भली भांति समझ रही है। इसलिए जेएमएम का आलाकमान चमरा लिंडा को लगातार मनाने में जुटा हुआ है लेकिन इसमें अभी सफलता मिलती नहीं दिख रही है।

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चमरा लिंडा की क्षेत्र में अपनी अलग पहचान है। 2009 से वो बिशुनपुर के विधायक हैं। 2014 में वो समीर उरांव को वो विधानसभा में पटखनी दे चुके हैं। 2009 और 2024 में लोकसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं और दोनों ही बार एक लाख से ज्यादा वोट लाएं हैं।

हालांकि इस बार समीर उरांव जहां चमरा लिंडा और सुखदेव भगत को चुनौती नहीं मान रहे हैं, वहीं कांग्रेस प्रत्याशी सुखदेव भगत भी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। इसलिए लोहरदगा में किसका पलड़ा भारी है ये अभी कोई नहीं कह सकता है।

लोहरदगा और गिरीडीह में होगा त्रिकोणीय मुकाबला

कुछ यही स्थिति गिरिडीह की भी है। जयराम महतो को लेकर आजूस प्रमुख सुदेश महतो सार्वजनिक रुप से कह चुके हैं कि गिरिडीह कि जनता जयराम महतो को समझ चुकी है और वह आजसू के साथ है। उन्हें भरोसा है कि जनता एक बार फिर आजसू प्रत्याशी चंद्रप्रकाश चौधरी पर विश्वास जताएगी। दूसरी ओर जेएमएम के वेटरन लीडर मथुरा महतो 2004 के बाद एक बार फिर से गिरिडीह सीट जेएमएम की झोली में डालना चाहते हैं।

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लेकिन इस विषय में गिरिडीड के स्थानीय नेताओं और आम लोगों का कहना है कि इस बार लोकसभा चुनाव में जयराम महतो गिरिडीह लोकसभा क्षेत्र के लिए  बड़ा फैक्टर होगा इसलिए अभी से इस बात का अनुमान लगाना आसान नहीं कि गिरडीह में किसकी जीत होगी? कुल मिलाकर कह सकते हैं कि लोहरदगा और गिरीडीह दोनों ही लोकसभा क्षेत्र में त्रिकोणीय मुकाबला होता दिख रहा है।

 

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