नई दिल्ली : एयर इंडिया की कमान टाटा ग्रुप को मिली है. कंपनी ने सबसे बड़ी बोली लगाकर एयर इंडिया को खरीदा. 68 साल बाद टाटा सन्स के पास फिर से चला गया है. निवेश और सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांता पांडे ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इसका एलान किया. दीपम के सिचव ने कहा कि मंत्रियों की समिति ने एयर इंडिया के लिए विजेता बोली को मंजूरी दी है.
टाटा सन्स ने एयर इंडिया के लिए 18 हजार करोड़ रुपए की बोली लगाकर खरीदा. सचिव ने कहा कि टाटा की 18,000 करोड़ की बोली में 15,300 करोड़ रुपए का कर्ज लेना और बांकी नकद भुगतान शामिल है. बता दें कि एयर इंडिया की स्थापना जहांगीर रतनजी दादाभाई (जेआरडी) टाटा ने 1932 में की थी. उस समय इस विमानन कंपनी को टाटा एयरलाइंस कहा जाता था.
इस महीने की शुरुआत में टाटा सन्स और स्पाइसजेट के चेयरमैन अजय सिंह (अपनी निजी क्षमता में) दोनों ने बोली लगाई थी. पिछले महीने रिपोर्ट्स में बताया गया था टाटा ने बोली जीत ली है, हालांकि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसे खारिज कर दिया था. उन्होंने तब कहा था कि अभी कुछ भी अंतिम रूप नहीं दिया है.
सरकार एयर इंडिया में अपनी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच रही है. विमानन कंपनी 2007 में घरेलू इकाई इंडियन एयरलाइंस के साथ विलय के बाद से घाटे में है. सरकार 2017 से ही एयर इंडिया के विनिवेश का प्रयास कर रही थी.
