गिरिडीह : गिरिडीह जिला प्रशासन की आपत्ति के बाद भी पलामू सेंट्रल जेल से अपराधर अमन साहू को गिरिडीह केंद्रीय कारा में शिफ्ट किया गया।
अमन साहू ने पूर्व में भी गिरिडीह के तत्कालीन जेलर प्रमोद कुमार पर जानलेवा हमला किया था, जिसमें वे बाल-बाल बचे थे। एक बार गिरिडीह सेंट्रल जेल में बंद खूंखार अपराधी अमन साहू गैंग के अपराधी मयंक सिंह उर्फ सुनील मीणा ने गिरिडीह कारा अधीक्षक हिमानी प्रिया को जान मारने की धमकी दी है।
धमकी में उसने गिरिडीह जेल में बंद अमन साहू को उसकी मनचाही सुविधा देने को कहा है। यहीं नहीं मिलने पर जेल अधीक्षक को गोली मारने की धमकी दी गयी है। इंटरनेशनल कॉल व मैसेज के जरिए गैंगस्टर मयंक ने कहा है कि पिछली बार निशाना चूक गया था और तत्कालीन जेलर प्रमोद कुमार बाल-बाल बच निकले थे। लेकिन इस बार का निशाना अचूक होगा। उसके निशाने पर न सिर्फ हिमानी हैं, बल्कि उनका पूरा परिवार भी है। वह अभी फौरन वार्ड में जाकर अमन साहू से मुलाकात करें और उसक पूछें कि उसे क्या-क्या सुविधाएं चाहिए।
धमकी के बाद जेल अधीक्षक के द्वारा साफ शब्दों में कहा गया है कि गिरिडीह जेल के सारे कैदियों को जो सुविधाएं मिलती हैं, वही सुविधा मिलेगी। जहां तक धमकी का सवाल है तो उससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है। धमकी से जुड़े सारे ओडियो, मैसेज सहित अन्य तथ्यों से व उन्होंने गिरिडीह के डीसी, एसपी जेल आईजी सुदर्शन मंडल को अवगत करा दिया है।
जिले के एसपी ने कहा कि इस मामले में त्वरित संज्ञान लिया गया है। कहा, पुलिस हर पहलुओं पर जांच कर रही है। जांच के लिए संबंधित विभाग को लिखा गया है। विशेष शाखा, एनआईए, एटीएस सहित कई एजेंसियों को लिखा गया है।
इसके अलावा लगातार जेल का निरीक्षण भी किया जा रहा है। उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने कहा कि अमन साहू जैसे अपराधी को गिरिडीह सेंट्रल जेल में रखा जाना उपयुक्त नहीं है।
इस बाबत पुलिस अधीक्षक व जेल अधीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर अप्रैल माह में ही जेल आईजी को लिखा जा चुका है। बावजूद गिरिडीह जेल में शिफ्ट किया जाना उचित नहीं है। मामले की जांच करने के बाद आगे की कठोर कार्रवाई की जाएगी।


















