Bihar Politics : स्व. रामबिलास पासवान जयंती पर बोले चिराग – बिहार में फिर बनेगी एनडीए सरकार, पूरी मजबूती से चलेगी भी

वैशाली/ पटना  :  Bihar Politicsस्व. रामबिलास पासवान जयंती पर बोले चिराग बिहार में फिर बनेगी एनडीए सरकार, पूरी मजबूती से चलेगी भी। देश की सियासत में अलग रसूख रखने वाले बिहार में शुक्रवार को सियासत ने भावी स्वरूप के रोचक तेवर दिखाए। स्व. रामबिलास पासवान की जयंती पर उनके बेटे केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने अपने सियासी तेवर से एक बड़ी रेखा खींची जिसने बरबस ही लोगों को ध्यान आकृष्ट किया है। उन्होंने जहां बिहार की सियासत में प्रमुख विपक्षी दल के नेता को निशाने पर लिया बल्कि भावपूर्ण तरीके से देश की सियासत में शीर्ष पर विराजित पीएम नरेंद्र मोदी के साथ अपने स्वर्गीय पिता की अंतिम सांस तक रहे आत्मीय संबंधों को याद कर लोगों को भावविभोर कर झिंझोड़ भी दिया। बिहार में नई पीढ़ी के वोटरों के बीच अपनी अलग साख रखने वाले चिराग ने शुक्रवार को स्थापना दिवस मना रही राजद के स्वप्निल दावों का खोखलापन भी उजागर करने में अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ी।

केंद्रीय मंत्री चिराग की टूक – विधानसभा में और ज्यादा अंतर से जीतेगी एनडीए

शुक्रवार को राष्ट्रीय जनता दल के 28वें स्थापना दिवस पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने दावा करते हुए कहा था कि 2025 के विधानसभा चुनाव में बिहार में राजद की सरकार बनेगी। नीतीश कुमार 2024 में या 2025 में विधानसभा चुनाव कराएं,  सरकार तो बिहार में राजद ही बनाएगी। तेजस्वी के इस बयान के कुछ देर बाद ही केंद्रीय मंत्री व लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान का बयान राजद के लिए पलटवार से कम नहीं रहा। चिराग ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में पूरी मजबूती के साथ एनडीए चुनाव लड़ेगा। पुनः बिहार में एनडीए की सरकार बनेगी और पूरी मजबूती के साथ डबल इंजन की सरकार रहेगी। इसी एनडीए ने लोकसभा में जो परिणाम दिखाकर प्रतिपक्ष का हौसला पस्त किया है, वह विधानसभा स्तर में लोकसभा से कहीं ज्यादा व्यापक स्तर का होगा, इसमें दो राय नहीं।

चिराग बोले – पीएम मोदी और स्व. रामबिलास ने हमेशा एक-दूसरे को सच्चा दोस्त माना

शुक्रवार को अपने पिता की जयंती पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पीएम नरेंद्र मोदी के साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान के रिश्तों को याद किया। कहा कि पीएम मोदी ने सदा ही उनके पिता के अनुभव का सम्मान किया और उन्हें अपना सच्चा मित्र माना। पीएम मोदी और उनके पिता सदा ही एक-दूसरे को सच्चा दोस्त मानते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने पिता के गहरे और अंतरंग संबंध को याद करते हुए चिराग पासवान ने संजीदगी से बयां किया कि पीएम मोदी ने एनडीए में अपने सहयोगियों के दीर्घकालिक अनुभव और ज्ञान का हमेशा बहुत सम्मान किया। मोदी के मंत्रिमंडल में स्व. पासवान का योगदान न केवल महत्वपूर्ण था, बल्कि नरेंद्र मोदी ने भी उनका बहुत सम्मान किया। प्रधानमंत्री मोदी और स्व. रामबिलास पासवान के रिश्ते बहुत खूबशूरत रहे हैं। उनके बीच एक राजनीतिक परिचय से ज्यादा व्यक्तिगत परिचय रहा है। वह उनके मंत्रिमंडल के हिस्सा रहे। वर्ष 2014 में मोदी सरकार में उन्हें पहली बार मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने कहा कि हर कैबिनेट मीटिंग में मोदी रामविलास पासवान से सलाह लेते थे, क्योंकि वे लोगों के साथ उनके गहरे जुड़ाव और उनकी भावनाओं को समझने की उनकी क्षमता को पहचानते थे। पीएम मोदी ने पासवान के दृष्टिकोण का सम्मान किया और सभी प्रमुख समितियों और समूहों में इसे शामिल किया।

चिराग ने सुनाया संस्मरण, कहा – अंतिम सांस तक स्व. रामबिलास पासवान पीएम मोदी के साथ रहे

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पुराने संस्मरणों को बयान करते हुए कहा कि साल 2020 में पीएम मोदी बिहार आये और सबसे पहले स्व. रामबिलास पासवान को याद करते हुए कहा कि वह अपनी सांस तक पीएम के साथ रहे। स्व. रामबिलास ने हर संभव प्रयास किया और पीएम द्वारा दी गई जिम्मेदारी को निभाया। रामविलास पासवान कई सालों तक मोदी की कैबिनेट में रहे और उनके पेशेवर रिश्ते एक मजबूत व्यक्तिगत बंधन में बदल गए। चिराग ने बताया कि जब भी नरेंद्र मोदी सार्वजनिक रूप से स्वीकार करते थे कि इनके पिता ने अपनी आखिरी सांस तक देश और प्रधानमंत्री के लिए अथक काम किया, तो यह उनके परिवार के लिए गर्व की पल होता है। चिराग ने याद किया कि कैसे पीएम मोदी ने उनके पिता द्वारा किए गए हर प्रयास की सराहना की। चिराग ने कहा कि मेरे पिता के निधन के बाद भी, प्रधानमंत्री हर मंच पर उनकी याद को संजोते हैं और उन्हें अपना दोस्त, साथी और करीबी सहयोगी बताते हैं जो हमारे परिवार के लिए बहुत मायने रखता है। चिराग पासवान यह भी याद किया कि जब रामविलास पासवान अस्पताल में भर्ती थे, तब पीएम मोदी ने परिवार के प्रति कितनी देखभाल और चिंता दिखाई थी। पीएम मोदी हर दिन दो बार फोन करते थे। वह हर दिन सुबह साढ़े आठ बजे उन्हें फोन करते थे एवं वे देश भर के विशेषज्ञ डॉक्टरों से बात करते थे और नियमित फीडबैक देते थे। चिराग पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने रामविलास पासवान के व्यापक अनुभव का पूरा लाभ उठाया, जो राजनीति में पांच दशकों से अधिक समय तक और छह प्रधानमंत्रियों के साथ काम करने के दौरान प्राप्त हुआ था। पासवान के ज्ञान और योगदान के प्रति मोदी का सम्मान स्पष्ट है, जो उनके सहयोगियों की बुद्धिमत्ता को महत्व देने और सम्मान देने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

हाजीपुर सांसद सह केंद्रीय मंत्री चिराग़ पासवान अपने पिता दिवंगत रामविलास पासवान की आदमकाद प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद लिया।
हाजीपुर में स्व. रामबिलास पासवान की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण करते केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान

जयंती समारोह में परिवार को लेकर फिर छलका चिराग का दर्द

इससे पहले चिराग पासवान ने अपने पिता व पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत रामविलास पासवान की 78वीं जंयती शुक्रवार को समारोहपूर्वक हाजीपुर पासवान चौक स्मारक पर मनाया। कार्यक्रम में हाजीपुर सांसद सह केंद्रीय मंत्री चिराग़ पासवान अपने पिता दिवंगत रामविलास पासवान की आदमकाद प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद लिया। साथ ही अपने पिता के बताए गए मार्गों पर चलने का संकल्प लिया। सभा को संबोधन करते हुए चिराग पासवान का फिर परिवार को लेकर दर्द छलका। चिराग़ ने कहा कि आज से तीन वर्ष पहले आज के दिन ही हाजीपुर की धरती से संकल्प यात्रा की शुरुआत की थी। मुझे पार्टी और परिवार से बाहर कर दिया गया था। लेकिन, आज मैं तीन साल के बाद आप सभी का आशीर्वाद और प्यार से मुझे वह सारे चीज हासिल हो गईं। इसजयंती समारोह में केन्द्रीय मंत्री चिराग पासवान के अलावा जमुई सांसद अरूण भारती, वैशाली सांसद वीणा देवी, पूर्व विधान पार्षद हुलास पांडे, पूर्व सांसद रामा किशोर सिंह उर्फ रामा सिंह, लालगंज भाजपा विधायक संजय सिंह आदि मौजूद रहे।

28 नवंबर को गांधी मैदान में रैली करेंगे चिराग, किया ऐलान और तैयारी शुरू

चिराग पासवान ने कहा कि मेरे पिता रामविलास पासवान के द्वारा पटना के गांधी मैदान में जनसभाएं की जाती थीं। हमेशा गांधी मैदान में पिता सभाएं किया करते थे। लेकिन, उनके जाने के बाद एक गांधी मैदान में पार्टी ने सभा नहीं किया गया है तो उन्हीं की परंपरा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से पार्टी के स्थापना दिवस के मौके पर  आगामी 28 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में रैली की जाएगी। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को भी क्षेत्र में रैली को सफल बनाने को लेकर लोगों के घर-घर जाकर निमंत्रण देने को कहा है। बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले लोजपा रामबिलास के साथ ही एनडीए के लिए भी होने वाली वह रैली अहम मानी जा रही है। उसके लिए अभी से ही तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। लक्ष्य है कि रैली की तैयारियों के क्रम में जमीनी स्तर पर संगठन को चुनावी लिहाज से तैयार करने का बुनियादी होमवर्क भी पूरा कर लिया जाए।

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