Rohtas Free IVF Camp: डेहरी के नील कोठी स्थित चंद्रराज वाटिका में बिलीव एंड ब्लेस्ड फर्टिलिटी एंड IVF सेंटर, पटना की ओर से नि:शुल्क मेडिकल चेकअप एवं IVF परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में डेहरी सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला और पुरुष पहुंचे। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों की समस्याओं को सुना और आवश्यक परामर्श दिया।
महिलाओं और पुरुषों की हुई नि:शुल्क जांच
शिविर में अनुभवी चिकित्सकों की ओर से मरीजों की नि:शुल्क जांच की गई। जरूरत के अनुसार मेडिकल जांच, दवाइयां और चिकित्सकीय सलाह भी दी गई। खास बात यह रही कि संतान प्राप्ति से जुड़ी समस्या को केवल महिलाओं तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि पुरुष पार्टनर की भी विभिन्न प्रकार की जांच की गई। विशेषज्ञों ने मरीजों को बांझपन के संभावित कारणों के बारे में जानकारी दी और समस्या के अनुसार आगे की चिकित्सकीय प्रक्रिया को समझाया।
समय पर जांच और उपचार पर दिया जोर
शिविर में मौजूद स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सना ने बताया कि बिलीव एंड ब्लेस्ड फर्टिलिटी एंड IVF सेंटर पटना की स्त्री एवं प्रसूति रोग तथा IVF विशेषज्ञ डॉ. सोनाली गुप्ता के मार्गदर्शन में डेहरी ऑन सोन में यह शिविर आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं और पुरुषों दोनों में बांझपन से जुड़ी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। ऐसे में समय पर जांच और विशेषज्ञ चिकित्सक से उचित सलाह लेना महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से समस्या होने पर झिझकने के बजाय चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की।
IVF को लेकर भ्रांतियां दूर करने की कोशिश
डॉ. सना ने कहा कि बांझपन और IVF को लेकर लोगों के बीच कई तरह की भ्रांतियां हैं। चिकित्सकीय प्रक्रिया में पहले मरीज की समस्या को समझकर जांच की जाती है। इसके बाद दवाइयों और अन्य आवश्यक उपचार के माध्यम से समस्या के समाधान का प्रयास किया जाता है। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर ही IVF जैसी आधुनिक तकनीक की सलाह दी जाती है। इससे मरीजों को बिना आवश्यकता के IVF को लेकर चिंता करने के बजाय विशेषज्ञ से सही जानकारी लेने का संदेश दिया गया।
पुरुषों में भी हो सकते हैं बांझपन के कारण
पटना पारस हॉस्पिटल के सीनियर एंड्रोलॉजिस्ट एवं यूरोलॉजिस्ट डॉ. विकास कुमार ने कहा कि बांझपन को केवल महिलाओं से जुड़ी समस्या मानना सही नहीं है। पुरुषों में भी कई कारण संतान प्राप्ति में परेशानी के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि उचित जांच, चिकित्सकीय परामर्श और इलाज के माध्यम से पुरुषों से संबंधित कई समस्याओं का उपचार किया जा सकता है। इसलिए संतान प्राप्ति में परेशानी होने पर महिला और पुरुष दोनों की जांच को लेकर जागरूकता जरूरी है।
विशेषज्ञों ने समय पर परामर्श लेने की अपील की
शिविर के दौरान विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की कि संतान प्राप्ति में किसी प्रकार की परेशानी होने पर झिझक या भ्रांतियों में न रहें। समय पर विशेषज्ञ चिकित्सक से सलाह लेकर आवश्यक जांच कराना बेहतर है। आयोजकों के अनुसार, ऐसे शिविरों का उद्देश्य लोगों को बांझपन और IVF से संबंधित समस्याओं के बारे में सही चिकित्सकीय जानकारी उपलब्ध कराना है। शिविर के आयोजन में पूर्व वार्ड पार्षद काली बाबू, सनाउलहक, सपना कुमारी, सुमित जायसवाल, राहुल गोस्वामी और प्रकाश कुमार ने सहयोग किया।

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